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निर्माण पूरे होने के बावजूद निकाल दिए टेंडर

Fri, 11 Sep 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर।
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नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी में निर्माण कार्य में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। पालिका ने पूरे हो चुके चार कार्यों के टेंडर निकाल डाले। जांच में चेयरमैन और ईओ को वित्तीय अधिकारों के दुरुपयोग का दोषी ठहराया गया है। मामला चेयरमैन से जुड़ा होने के कारण डीएम ने कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
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बता दें कि 22 मई को मोहल्ला श्यामनगर सुल्तानपुर निवासी हाजी अली हुसैन ने नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ के खिलाफ शिकायती पत्र सौंपा था। हाजी अली का आरोप था कि वर्ष 1993 में बनी दो दुकानों का भुगतान नियम विरुद्ध 31 मार्च 2015 को ठेकेदार को कर दिया गया। आरोप है कि भुगतान की एवज में वसूली की गई। मामले में आरटीआई से मिली जांच रिपोर्ट में उजागर हुआ कि तत्कालीन एसडीएम ने पत्रावलियां कमजोर होने की बात कहकर दोनों दुकानों के निर्माण का भुगतान करने से मना किया था।
इसके अलावा 13 मई 2015 को छह निर्माण कार्यों के टेंडर निकाले गए, जबकि उनमें से करीब सात लाख रुपये के चार निर्माण कार्य डेढ़ माह पहले ही कराए जा चुके थे। आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत को आर्थिक क्षति पहुंचाने के मकसद से ऐसा किया गया। डीएम की ओर से मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार खटीमा सीमा विश्वकर्मा को जांच सौंपी गई। जांच अधिकारी ने मामले में ईओ की भूमिका को संदिग्ध करार दिया है। निर्माण कार्यों की शिकायत की जांच में सामने आया कि जिन छह निर्माण कार्यों के टेंडर निकाले गए थे, उनमें से चार कार्य टेंडर तिथि से पहले ही पूरे हो चुके थे। जांच अधिकारी ने माना कि नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ ने वित्तीय अधिकारों को दुरुपयोग किया है। निर्माण कार्य पूरे होने की सही अवधि जानने के लिए तकनीकी जांच कराने की संस्तुति भी की है। डीएम डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने बताया कि जांच में नगर पंचायत अध्यक्ष और ईओ की लिप्तता की पुष्टि हुई है। नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ उनके स्तर से कार्रवाई नहीं की जा सकती है, इसलिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
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