रुद्रपुर। सबसे अधिक रुटों पर बस संचालित करने वाला रुद्रपुर का रोडवेज डिपो बसों की कमी से जूझ रहा है। रोडवेज के लिए पांच नई अनुबंधित बसों के प्रस्ताव को एक महीने बाद भी मंजूरी नहीं मिली है। इस साल छह बसों का अनुबंध पूरा होने वाला है। समय पर नई बसों के नहीं मिलने से संकट अधिक बढ़ने के आसार हैं।
रुद्रपुर डिपो से प्रतिदिन दिल्ली, देहरादून, हल्द्वानी, काशीपुर, टनकपुर, रामनगर समेत कई प्रमुख मार्गों पर बसों का संचालन होता है। बसों की संख्या कम होने के कारण कई बार निर्धारित फेरे प्रभावित हो रहे हैं। सुविधाएं बेहतर करने के लिए डिपो ने मुख्यालय को पांच नई अनुबंधित बसों के संचालन का प्रस्ताव भेजा था। अब तक इसे मंजूर नहीं किया गया है। समय रहते नई बसें नहीं मिलीं तो कई रूटों पर सेवाओं में कटौती करनी पड़ सकती है। इसका सबसे अधिक असर दैनिक यात्रियों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा।
इनसेट
छह साल का होता है अनुबंध
अनुबंधित बसों का संचालन छह वर्ष की अवधि के लिए होता है। अवधि पूरी होने के बाद बसों का संचालन बंद करना पड़ता है। ऐसे में पुरानी बसों के स्थान पर नई अनुबंधित बसों की आवश्यकता है। समय पर नया प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होने पर दिक्कत बढ़ जाती है।
कोट
डिपो से पांच नई अनुबंधित बसों के लिए करीब एक माह पहले मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। अभी इसकी स्वीकृति नहीं मिली है।
-मधुसूदन मिश्रा, एआरएम