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नगला को उजड़ने से बचाने की मांग, मशाल जुलूस निकाला

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रुद्रपुर कलक्ट्रेट में सांकेतिक प्रदर्शन करते भाईचारा एकता मंच के लोग। - फोटो : RUDRAPUR
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शांतिपुरी। हाईकोर्ट के आदेश पर नगला-किच्छा रोड पर चिह्नित अतिक्रमण के दायरे में आ रहे लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओें ने उजड़ने से बचाने की मांग करते हुए मशाल जुलूस निकाला। उन्होंने सरकार से हाईकोर्ट में लोगों को मालिकाना हक देने के लिए पैरवी करने की मांग की।
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मंगलवार शाम को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तिलकराज बेहड़ और कांग्रेस पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट की अगुवाई में बड़ी संख्या में लोग शांतिपुरी गेट पर एकत्र हुए। उन्होंने नारेबाजी कर नगला बाईपास तक मशाल जुलूस निकाला। वक्ताओं ने कहा कि दशकों से बसे परिवारों को अतिक्रमणकारी बताकर जगह खाली करने के नोटिस दिए गए हैं।
कहा कि नगला को उजड़ने से बचाने के लिए जिला प्रशासन और सरकार को हाईकोर्ट में गरीबों के पक्ष में पैरवी करनी चाहिए। साथ ही ठोस कार्यवाही कर मालिकाना हक देने की पहल करनी चाहिए। कहा कि अन्याय के खिलाफ कांग्रेस सड़कों से लेकर कोर्ट तक मजबूती से लड़ाई लड़ेगी।
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वहां किच्छा नगर पालिका अध्यक्ष दर्शन कोली, किच्छा कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष गुड्डू तिवारी, विनोद कोरंगा, नित्यानंद पालीवाल, परमजीत सिंह, कन्हैया लाल, डॉ. महेंद्र शर्मा, उमेश, भोपाल, राज्य आंदोलनकारी हरीश जोशी, सुरेश पपनेजा, पुष्कर राज जैन, संजीव सिंह आदि थे।
इधर, गोल गेट स्थित सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में मौजूद मोहिनी देवी, सुनीता चौहान, विमला रावत, धना देवी, मंजू सहित अन्य महिलाओं ने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं चाहिए। नेता इस मामले को लेकर राजनीति न करें। कोर्ट के निर्णय आने के बाद आगे की कार्यवाही करेंगे। इधर, मशाल जुलूूस को लेकर सीओ आशीष भारद्वाज फोर्स के साथ तैनात रहे।
अतिक्रमण के नाम पर नगला को उजाड़ने का विरोध
रुद्रपुर। भाईचारा एकता मंच ने नगला में काबिज डेढ़ हजार परिवारों को अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ने का विरोध किया है। मंगलवार को मंच के संस्थापक सौरभ गंगवार और केंद्रीय अध्यक्ष केपी गंगवार की अगुवाई में लोगों ने कलक्ट्रेट में सांकेतिक प्रदर्शन कर एडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने कहा कि दशकों से निवास कर रहे नगला के लोगों को उजाड़ना कहीं ट्रायल तो नहीं है। इसके बाद रुद्रपुर शहर की बस्तियों को भी उजाड़ दिया जाए। शहर की बस्तियां नजूल की जमीन पर काबिज हैं। कहा कि मंच लंबे समय से मालिकाना हक की लड़ाई लड़ रहा है। लेकिन सिर्फ आश्वासनों और झूठे वायदों के सिवाय जनता को कुछ नहीं मिला है।
यदि सरकार को वास्तव में गरीब जनता का दर्द समझती है तो जल्दी ही नगला वासियों के साथ ही रुद्रपुर शहर की नजूल की भूमि पर बसे लोगों को भी मालिकाना हक दे। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में दानपात्र की भूमि पर निवासरत लोगों को भी उनकी भूमि का मालिकाना हक दिया दिया जाए। यदि मांगों पर कार्यवाही नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
वहां प्रदेश अध्यक्ष अवतार सिंह बिष्ट, महिला जिला अध्यक्ष सुमन पंत, जिला अध्यक्ष टोनी पठान, अनुसूचित मोर्चा प्रभारी प्रदीप सागर, मुख्त्यार अहमद, महेश गंगवार, बबली रस्तोगी आदि थे। (संवाद)
कब्जे का विरोध करने पर दबंगों ने किसान को पीटा
काशीपुर। कृषि भूमि पर जबरन कब्जा के विरोध करने पर दबंगों ने खेत स्वामी के साथ गालीगलौज, मारपीट की। कुंडा थाने के ग्राम जगतपुरपट्टी निवासी शेर सिंह ने कुंडा थाने में तहरीर देकर कहा कि गांव में उसकी कृषि योग्य भूमि है जो माल अभिलेखों में उसके पिता के नाम दर्ज है। पिछले साल 16 फरवरी को उसके पिता दुल्ली सिंह की मृत्यु हो चुकी है।
पिता की मौत के बाद वह इस भूमि पर काबिज है। शेर सिंह का आरोप है कि 29 मई को सुबह नौ बजे वह अपनी जमीन देखने गया तो वहां कुछ लोग उसकी जमीन पर जेसीबी से नींव की खुदाई कर रहे थे। मना करने पर उन्होंने गाली गलौज कर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया और मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। तहरीर पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। (संवाद)

शांतिपुरी में मशाल जुलूस निकालते कांग्रेसी व स्थानीय लोग।- फोटो : RUDRAPUR

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