रुद्रपुर। परिवहन निगम में निजीकरण के चलते नौकरी गंवा चुके रोडवेज कर्मियों के सामने अपने परिवार के भरण पोषण समस्या खड़ी हो गई है। शुक्रवार को उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ के बैनर तले रोडवेज कर्मियों ने किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ को ज्ञापन देकर कर्मियों का नियमितिकरण कराने की मांग की।
रोडवेज कर्मियों का कहना है कि परिवहन निगम में प्राइवेटाइजेशन के नाम पर ट्रांसपोर्टरों के मनमाने रवैये के चलते पूर्व में सुचारु रूप से संचालित तमाम सेवाएं पूरी तरह से बाधित हो रही हैं। परिवहन निगम में कार्यरत करीब 3500 संविदा चालक और परिचालकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। निगम में निजीकरण के चलते कार्यशाला में काम करने वाले सैकड़ों कर्मियों की स्थिति भी आर्थिक रूप से दयनीय हो चली है।
मजदूर संघ के क्षेत्रीय मंत्री ललित मोहन पांडे ने बताया की ज्ञापन के माध्यम से मंडल में बसों की संख्या भी बढ़ाने की मांग की है ताकि अधिक से अधिक लोगों को रोजगार का सबल मिले और पर्वतीय मार्गों पर ठप हो चुकी बस सेवाएं सुचारु हों। ज्ञापन देने वालों में कार्यशाला शाखा मंत्री जगदीश चंद्र अधिकारी, रूप सिंह, योगेंद्र पाल, अवतार सिंह, नंद सिंह आदि लोग मौजूद रहे।