काशीपुर। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने की प्रक्रिया में हो रही भारी लेटलतीफी ने सैकड़ों बच्चों के भविष्य पर प्रश्नचिन्ह लगा गया है। दूसरे चरण में बच्चों के प्रवेश 30 सितंबर तक होंगे।
दूसरे सत्र के लिए आरटीई के तहत ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 सितंबर रखी गई थी। विभागीय शेड्यूल के मुताबिक इन बच्चों को 26 से 30 सितंबर के बीच निजी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा। शिक्षाविदों का कहना है कि सितंबर के अंत तक जब इन बच्चों को प्रवेश मिलेगा। तब तक जिले के अधिकांश निजी स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शुरू हो चुकी होंगी या खत्म हो जाएंगी। ऐसे में यह वंचित छात्र पहले ही छह महीने की पढ़ाई से वंचित रह जाएंगे और अन्य छात्रों से कोर्स में काफी पिछड़ जाएंगे।
अभिभावक गीता देवी, नरेश शर्मा आदि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब सामान्य छात्रों का कोर्स आधा हो चुका होगा। तब आरटीई के बच्चों को प्रवेश देना न्याय संगत नहीं है। उन्हें न तो कोर्स पूरा करने का समय मिलेगा और ना ही परीक्षा में अन्य बच्चों के साथ बराबरी करने का मौका मिलेगा। अभिभावकों ने अगले सत्र से आरटीई की प्रवेश प्रक्रिया को सामान्य प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही अप्रैल-मई में ही पूरा कराने की मांग उठाई है ताकि वंचित छात्र-छात्राओं को भी समान अवसर मिल सके।