खटीमा। क्षेत्र के न्यायालय में स्टेनो के पद पर कार्यरत एक युवक की संदिग्ध हालत में मौत हो गई।
मूल रूप से नजरौंदा, देहरादून निवासी रजनीश भट्ट (35) खटीमा न्यायालय में स्टेनो के पद पर तैनात थे। वह सितारगंज रोड स्थित द्वारका काॅलोनी में किराये पर रहते थे। बताया गया कि उनकी पत्नी घर पर नहीं थी। छुट्टी होने पर मंगलवार शाम वह न्यायालय से घर की ओर निकल गए। देर शाम करीब सात बजे आसपास के लोगों ने उन्हें घर में बेहोशी की हालत में पड़ा देख तुरंत उपजिला चिकित्सालय पहुंचाया लेकिन हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार कर चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।
रजनीश के साथ गए लोगों ने बताया कि सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले जाते समय रजनीश की रास्ते में ही मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना रजनीश के परिजनों को दी गई। स्वजनों के हल्द्वानी पहुंचने पर बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। स्वजन शव लेकर अपने मूल निवास देहरादून चले गए। रजनीश की शादी इसी साल फरवरी में चंपावत निवासी युवती से हुई थी। पुलिस ने जहर खाने की आशंका जताई है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा चालक का शव
केलाखेड़ा। नगरवासी वाहन चालक मदन गोपाल शर्मा (58) की मंगलवार को अपने घर में छत के मलबे की चपेट में आकर मौत हो गई थी। सीओ भूपेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद थाना पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। बुधवार दोपहर बाद केलाखेड़ा के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। आरएसआई खुशाल सिंह ने भी मौका मुआयना किया।