चीनी मिल में वेल्डिंग करते समय एक मिस्त्री की छत से गिरने पर मौत हो गई। इससे गुस्साए सिसई के लोगों ने मृतक का शव मिल गेट पर रखकर मुआवजे की मांग की। लगभग चार घंटे तक चली रस्साकसी के बाद मिल प्रबंधन ने आश्रित को नौकरी की तो घोषणा कर दी, लेकिन मुआवजे की घोषणा न होने पर मामला नहीं निपटा।
सिसई निवासी 25 वर्षीय बबलू उर्फ महबूब चीनी मिल में चल रहे छत बदलने के काम में वेल्डिंग मिस्त्री का काम करता था। यह कार्य देहरादून की एक फर्म सिंघल कंस्ट्रक्शन्स कंपनी करा रही है। सोमवार सुबह लगभग दस बजे बबलू अचानक छत से नीचे आ गिरा। बताते हैं कि गिरते समय वह सेफ्टी बेल्ट व हेलमेट भी पहने था। बाद में घायल बबलू को कंपनी कर्मचारी अस्पताल ले आए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अपराह्न लगभग 2.30 बजे पोस्टमार्टम के बाद जब मृतक का शव चीनी मिल पहुंचा, तो बंडिया के क्षेत्र पंचायत सदस्य संजीव सिंह, प्रधानपति दलीप बिष्ट, पूर्व प्रधान राम बाबू और शीशपाल राना, पूर्व ब्लाक प्रमुख वीर मानवेंद्र सिंह समेत तमाम लोग मिल गेट पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने शव को मिल गेट पर रखकर मुआवजे की मांग की। सभी लोगों ने मिल के अधिशासी निदेशक डा. एमएम खान को भीड़ में बुलाकर मुआवजे की मांग की। बाद में ईडी मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, लेकिन लोग उनसे मौके पर ही घोषणा करने की बात कर रहे थे। बाद में ईडी के कार्यालय में एक बार फिर वार्ता शुरू हुई। देर शाम सूचना मिलने पर विधायक राजेश शुक्ला, ब्लाक प्रमुख दलजीत सिंह खुराना भी मिल गेट पर पहुंच गए। सभी ने एक जुट होकर यहां पर मिल प्रबंधन पर मुआवजे का दबाव बनाया। मिल प्रबंधन द्वारा मृतक परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी के देने की घोषणा कर दी है। लेकिन नगद मुआवजा कितना होगा उसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद समाचार लिखे जाने तक जारी है।