रमजान के मुकद्दस महीने में रोजेदार खजूर खाकर रोजा इफ्तार करते हैं। इस साल मांग बढ़ने पर खजूरों पर महंगाई भी अधिक है। सऊदी अरब से आने वाले कीमिया और अजवा खजूर ज्यादा पसंद किए जा रहे है।
रमजान के दो अशरे (हिस्से) शुक्रवार को पूरे जा जाएंगे। लोग ईद की तैयारियों में जुट गए हैं। शाम का रोजा इफ्तार के बाद लोग बाजार में खरीदारी के लिए उमड़ रहे हैं। शाम होते ही ईद का बाजार गुलजार हो उठता है। रमजान के अखिरी दिनों में रोजेदारों ने इबादत में इजाफा कर दिया है। सुबह से शाम तक भूखे-प्यासे रहकर लोग शाम का सामूहिक इफ्तार करते हैं।
इफ्तार और खजूर का खास ताल्लुक है। रोजेदार खजूर से ही इफ्तार करना पसंद करते हैं। यही बात है कि महंगे होने के बावजूद बाजार में खजूर की डिमांड अधिक है। सऊदी अरब के अलावा, इराक, ईरान से आने वाली कई प्रकार के खजूरों से दुकानें सजी हुई हैं। कीमिया खजूर बहुत मुलायम होती है तो अजवा सेहत के लिए फायदेमंद है।
सेहत के लिए फायदेमंद है खजूर
मोहल्ला थाना साबिक निवासी मोहम्मद यूसुफ कादरी पुरानी सब्जी मंडी में करीब 40 साल से फलों की दुकान लगाते आ रहे हैं। फलों का कार्य उनके पिता अब्दुल करीम ने शुरू किया था। यूसुफ ने बताया अजवा और अलजुबैर खजूर खाने में स्वादिष्ट होता है। यह देसी दवाई बनाने के काम भी आता है। यह 600 बीमारियों को ठीक करने में कारगर है।
यह जोड़ों का दर्द, सांस की बीमारी, लीवर, आंतो को मजबूत, मैदे की खुशकी, पानी की कमी को दूर करता है। इसमें फासफोरस, फाइबर होता है। इसीलिए दोनों खजूर 1200 से 1400 रूपए तक बिकता है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल 20 से 25 प्रतिशत रेट बढ़े हैं। हर साल बाजार में 60 लाख रुपये से अधिक का करोबार होता है। उन्होंने पिछले साल ही करीब पांच लाख रुपये का खजूर एक महीने में बेचा था। इस साल भी बेहतर रहने के आसार हैं।
खजूर का नाम 2017 के दाम 2016 के दाम
रॉयल क्राउन 500 400
सऊदी किंग 350 300
मरियमी 240 220
अलअजाबी 450 410
कीमिया 300 280
बरारी 360 320
अलोला 400 350
अलबदर 350 320
अजबा 1400 1300
अलजुबैर 1200 1110