हमदम अस्पताल के मालिक डीके सिंह पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने डीके के घर से डॉ. दिवाकर कुमार सिंह नाम की सात डिग्रियां बरामद की हैं। डीके ने असली नाम दशरथ कुमार मौर्या बताया था तो दिवाकर की डिग्री मिलने से पुलिस भी चकरा गई है। पुलिस डिग्रियों की सत्यता का जानकारी जुटा रही है। पुलिस को हमदम अस्पताल में मरीजों का रिकार्ड भी नहीं मिल सका है।
बताते चलें कि पुलिस ने बीते 28 दिसंबर को काशीपुर के हमदम अस्पताल के मालिक डॉ. डीके सिंह को गिरफ्तार किया था। जसपुर में नवाब हत्याकांड में आरोपी खालिद का कनेक्शन डीके सिंह से मिला था। छानबीन में डीके के शैक्षिक कागजात फर्जी पाए गए थे। इतना ही नहीं उसके पास कोई डिग्री भी नहीं पाई गई थी। हालांकि उसने बीएचयू बनारस से एमबीबीएस और श्री शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर से आयुर्विज्ञान वाचस्पति की डिग्री होने की बात कही थी, लेकिन वह दिखा नहीं पाया था। काशीपुर के अलावा डीके बाजपुर में भी ताज हॉस्पिटल चलाता था। उसने सीपीएमटी की कोचिंग कराने के लिए संस्थान भी खोला हुआ था। ]
डीके सिंह को जेल भेजने के बाद पुलिस उसकी कुंडली खंगालने में जुटी है। उसकी संपत्ति का भी पता लगाया जा रहा है। जांच अधिकारी और एसएसआई काशीपुर अरुण कुमार ने बताया कि डीके ने अपना असली नाम दशरथ कुमार मौर्य बताया था। लेकिन उसके घर से एमबीबीएस, एमडी और अन्य डिग्रियां बरामद हुई हैं, वो डॉ. दिवाकर कुमार सिंह की है। यह डिग्री वास्तव में किसकी हैं और असली हैं या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
डिग्रियों की सत्यता जानने के लिए वह कानपुर और बनारस जाएंगे। उन्होंने बताया कि हमदम अस्पताल में इलाज या ऑपरेशन कराने वाले मरीजों का आंकड़ा नहीं मिल सका है। उसके आपराधिक तत्वों से संबंध के साथ ही अर्जित संपत्ति के बारे में भी छानबीन की जा रही है। उधर एसओ कुंडा रमेश तनवार ने बताया कि डीके सिंह सहित तीन लोगों पर गैंगेस्टर लगाने की कार्रवाई की जा रही है।