शक्तिफार्म के पास स्थित प्रहलाद पलसिया में 48.21 करोड़ रुपये की लागत से डेयरी प्लांट आकार ले रहा है। प्लांट की बुनियादी संरचना लगभग तैयार हो चुकी है। करीब 25 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। उत्तराखंड कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन (यूसीडीएफ) के माध्यम से विकसित हो रहे प्लांट में अगले साल तक डेयरी उत्पाद तैयार होने की उम्मीद है।
बीते अप्रैल से शुरू हुई परियोजना में 10 मीट्रिक टन क्षमता का मिल्क पाउडर प्लांट, पांच हजार लीटर क्षमता का आइसक्रीम प्लांट और दो मीट्रिक टन क्षमता की बेकरी यूनिट स्थापित की जानी है। नाबार्ड ने ग्रामीण अवसंरचना विकास कोष (आरआईडीएफ) के तहत उत्तराखंड की तीन बड़ी परियोजनाओं के लिए 92.81 करोड़ रुपये को मंजूरी दी थी। इनमें ही सितारगंज का यह डेयरी प्लांट भी शामिल है। प्लांट शुरू होने के बाद प्रदेश में ही मिल्क पाउडर का उत्पादन संभव होगा। इससे प्रदेश के डेयरी क्षेत्र को नई प्रसंस्करण क्षमता मिलने के साथ स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को भी बड़े बाजार से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। परियोजना का आधारभूत ढांचा डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से तैयार किया जाएगा। संयंत्र का संचालन निजी भागीदार को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर सौंपे जाने की व्यवस्था है।
तैयार होंगे कई मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पाद, मिलेगा रोजगार
प्रदेश को अतिरिक्त दूध के प्रसंस्करण के लिए कई स्तरों पर बाहरी राज्यों की सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। सितारगंज में प्लांट शुरू होने के बाद दूध का प्रसंस्करण कर मिल्क पाउडर समेत अन्य मूल्यवर्धित उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। आसपास के क्षेत्रों के दुग्ध उत्पादकों के लिए बाजार का दायरा बढ़ेगा। स्थानीय स्तर पर दूध की खपत और प्रसंस्करण बढ़ने से डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहन मिलगा और युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ेंगे।
सितारगंज में तैयार हो रहा यह आधुनिक डेयरी प्लांट उत्तराखंड के डेयरी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है। यहां मिल्क पाउडर, आइसक्रीम और बेकरी यूनिट स्थापित होने से प्रदेश में दूध प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ेगी और मिल्क पाउडर का उत्पादन भी राज्य में ही संभव हो सकेगा। -सौरभ बहुगुणा, दुग्ध विकास मंत्री