अतिवृष्टि के चलते आपदा प्रभावित संजयनगर, जगतपुरा, ट्रांजिट कैंप समेत अन्य बस्तियों के इलाकों में रहने वाले लोगों का दीपावली का उत्सव फीका रहेगा। आपदा में मेहनत की कमाई बर्बाद होने के बाद लोग नए सिरे से जिंदगी की गाड़ी खींच रहे हैं।
उनका कहना है कि कल्याणी के उफान से उनके आशियाने उजड़ गए। घरों में रखा सारा सामान खराब हो गया, गलियों में छह फुट तक पानी भर गया था। आपदा पीड़ित राशन के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं। कई बार कलक्ट्रेट के चक्कर लगा चुके हैं। कहीं सुनवाई नहीं हो रही। -
- कल्याणी के उफान से आपदा में पूरा घर डूब गया। इससे घर में रखे फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी सब खराब हो गए। नाव से हम लोगों को मोहल्लों से बाहर निकाला गया था। राशन लेने के लिए चक्कर काट रहे हैं। ऐसे में कैसे दिवाली मनाएंगे। -विशाखा सरकार, संजयनगर
- घर में पानी घुस गया था। रसोई में रखा पूरा राशन खराब हो गया। सब पानी में बह गया। कभी कलक्ट्रेट तो कभी जनप्रतिनिधियों के घरों के चक्कर काट रहे हैं। आज मंदिर में राशन लेने आए हैं। -बबली कुमार, संजयनगर।
- पूरे घर में पानी घुस गया था। जैसे, तैसे लोगों की मदद से घर से बाहर निकले। कुछ दिनों रेस्क्यू सेंटर पर भी रुकना पड़ा था। अब राशन के लिए इधर-उधर चक्कर काट रहे हैं। खुद का दिवाला निकल गया है कैसे दीपावली मनाएंगे। -पुष्पा मंडल, संजयनगर
- घर में रखा सारा सामान, रुपये सब पानी में बह गए। आपदा के जख्मों से अभी भी उभर नहीं पा रहे हैं। ऐसे में कैसे दीपावली का पर्व मनाएंगे। घर में खाने के लिए कुछ नहीं बचा है। -शोभा बेन, संजयनगर
बबली कुमार।- फोटो : RUDRAPUR
विशाखा सरकार।- फोटो : RUDRAPUR
रुद्रपुर के संजय नगर में राशन लेने के लिए उमड़ी आपदा प्रभावितों की भीड़।- फोटो : RUDRAPUR