वीर शिरोमणी महाराणा प्रताप थारु सांस्कृतिक उत्थान समिति की देखरेख में दो दिवसीय थारु महोत्सव का आगाज हुआ। नीलकंठ मंदिर ग्राम बिचई के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में थारु संस्कृति से ओतप्रोत कार्यक्रमों की धूम रही।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम की पत्नी गीता धामी एवं खटीमा फाइबर्स के एमडी राकेश रस्तोगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में स्वागत गीत, सरस्वती वंदन के साथ ही देहरादून से आए संगम सांस्कृतिक सेवा समिति के हेमंत भटोला, व्याख्या जनजाति जागृति सांस्कृतिक समिति नौगवाठग्गू की ओर से डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया गया। नेपाल से आए ऋषि राणा आदि बाल कलाकारों ने सामूहिक गीत प्रस्तुत कर समा बांधा। ग्राम दियां की टीम ने सुरेश सिंह राणा के साथ मधुवन कैसे जाऊ री छलिया रहत है... थरुवाटी होली गाकर वाहवाही बटोरी।
कार्यक्रम में जयराम आदि की स्वांग पार्टी ने चुलबुल स्वांग प्रस्तुत कर दर्शकों को जमकर गुदगुदाया। ग्राम तिगरी के शुभम राणा, मोले राणा ने कन्हैया होली कै दिनन में होली गाई। बिचई के प्रहलाद आदि की टीम ने डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गीता धामी ने थारु समाज की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि थारु संस्कृति को संवारने में उनका पूरा सहयोग रहेगा। वहां श्रीपाल सिंह राणा, बंटी सिंह राणा, रिंकू राणा, मनोहर सिंह, सत्यवती, त्रिनेत्र सिंह, सुष्मिता राणा, श्रीशा राणा, किरन राणा, बंधन राणा, पप्पू राणा, अंजू राणा, योगिता, अरुण, हरजीत राणा आदि थे।
खटीमा में थारु महोत्सव में थारु संस्कृति को लेकर प्रस्तुत देते थारु जनजाति के कलाकार।- फोटो : KHATIMA