काशीपुर। उज्जैनी शक्तिपीठ मां बाल सुंदरी देवी के दर्शन करने पंडा आवास पर श्रद्धालु उमड़ पड़े। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां भगवती के दर्शन कर घर-परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। मां भगवती का डोला अर्द्धरात्रि पंडा आवास से चैती मेला मैदान स्थित मंदिर पहुंचेगा।
चैत्र मास के नवरात्र में उज्जैनी शक्तिपीठ मां बाल सुंदरी देवी के ऐतिहासिक चैती मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में नगर क्षेत्र के अलावा यूपी, दिल्ली समेत कई राज्यों से हजारों श्रद्धालु अपनी आराध्य व कुलदेवी के दर्शन करने पहुंचते हैं।
मेले में लगने वाला नखाशा बाजार, मीना बाजार, ढोलक बाजार, लाठी बाजार, सिलबट्टा बाजार, क्राकरी बाजार लोगों में खासा लोकप्रिय है। यहां पर दूरदराज से पहुंचने वाले लोग मां भगवती के दर्शन करने के बाद जमकर खरीदारी करते हैं। हलवा-पराठा, चाट-पकौड़ी समेत अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद उठाते हैं और मनोरंजन के लिए बड़े झूले, मौत का कुआं समेत अन्य झूलों का लुत्फ उठाते हैं।
मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि चैती मेला दो वर्ष बाद लग रहा है। ऐसे में मां भगवती के दर्शनों को लेकर श्रद्धालु में उत्साह है और इसलिए अधिक श्रद्धालु आने की उम्मीद है। इस वर्ष बरेली, पीलीभीत व बिजनौर के श्रद्धालु भी एक साथ मां भगवती के दर्शनों के लिए चैती मेला मैदान में पहुंच चुके हैं। श्रद्धालु मां भगवती की अलग-अलग तरह से पूजा-अर्चना करते हैं। इसके अलावा बुक्सा जनजाति के लोग मां भगवती को अपनी कुलदेवी मानते हैं। वे लोग भी मां भगवती की अलग तरह से पूजा-अर्चना कर आराधना करते हैं।
विकास अग्निहोत्री ने बताया कि मां भगवती का डोला आने से पहले मां बाल सुंदरी देवी की मूर्ति को मोहल्ला कानूनगोयान स्थित पंडा आवास पर शाम चार बजे से श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विराजमान किया गया। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां भगवती के देर रात तक दर्शन किए। मां भगवती का डोला जाने से पहले पंडा आवास में रात लगभग 12 बजे से धार्मिक अनुष्ठान पं. दयाशंकर जोशी की ओर से शुरू करा दिया जाएगा।
इसके बाद यहां पर मां भगवती को नारियल व जायफल की बलि देने के बाद मां भगवती की मूर्ति को वह डोले में लेकर चैती मेला मैदान स्थित मंदिर को प्रस्थान करेंगे। इस दौरान भारी सुरक्षा बल और श्रद्धालु मौजूद रहेंगे। मंदिर पहुंचकर मां भगवती को धार्मिक अनुष्ठान के साथ मंदिर के गर्भगृह में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु दर्शन कर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त कर मन्नत मांगेंगे। मां भगवती का डोला चैती मंदिर से 14 अप्रैल की अर्द्धरात्रि को पुन: पंडा आवास पर लौट आएगा।
काशीपुर में पंडा आवास पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विराजमान मां भगवती बाल सुंदरी देवी।- फोटो : KASHIPUR