शैल सांस्कृतिक समिति के बैनर तले दो दिनी उत्तरायणी महोत्सव का शनिवार को रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आगाज हुआ। पर्वतीय संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य और लोकगायक शेखर अधिकारी के गीतों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।। मुख्य आकर्षण नंदा राजजात यात्रा की झांकी थी।
शनिवार को गांधी पार्क में मुख्य अतिथि सांसद भगत सिंह कोश्यारी, विशिष्ट अतिथि विधायक राजकुमार ठुकराल, मेयर सोनी कोली, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोड़ा ने महोत्सव का उद्घाटन किया। 31वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने प्रचलित गीतों की धुन बजाई। कोश्यारी कुमाऊंनी में बोले कि तुम सबन कै घुघतिया, लोहड़ी, मकर संक्रांति की भौते भौत बधाई छू। उन्होंने महोत्सव की आयोजन समिति को पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। इस मौके पर सोर घाटी पिथौरागढ़ के छोल्यारों ने प्रस्तुति दी।
स्कूली बच्चों ने बेडु पाको बारामासा, ठंडो रे ठंडो, तू ही तो दिल में आदि पर प्रस्तुतियां दी। लोकगायक शेखर अधिकारी ने ‘मेरी ड्यूटी बोर्डरा ओ आकाश का तारा’ गीत से समां बांध दिया। परिवर्तन सेवा समिति चकरपुर की टीम ने जै बोला जै भगोति नंदा गीत के साथ नंदा राजजात यात्रा की झांकी निकाली। संचालन हेमंत बिष्ट ने किया। वहां पर समिति अध्यक्ष भारत लाल शाह, मंत्री दिवाकर पांडे, नरेंद्र रावत, गोपाल पटवाल, सुरेश परिहार, मीना शर्मा, पंडित नीलांबर जोशी, भारत भूषण चुघ, जानकी तिवारी, भुवन लोहनी आदि थे।