मकर संक्रांति पर घुघुतिया त्योहार परंपरागत रूप से धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बच्चों ने आटे और गुड़ से घुघुती पकवान तैयार कर हल्की धूप में सुखाए। बुधवार रात में पकवानों को तला जाएगा और बृहस्पतिवार सुबह को बच्चे छत पर पकवान कौवे को खिलाएंगे।
बरहैनी जीआईसी के शिक्षक धर्मेंद्र बसेड़ा ने बताया कि कुमाऊं में मकर सक्रांति पर ‘घुघुतिया’ के नाम से त्योहार मनाया जाता है। कुमाऊं का सबसे बड़ा त्योहार माना जाता है। यह एक स्थानीय पर्व होने के साथ साथ स्थानीय लोक उत्सव भी है क्योंकि इस दिन एक विशेष प्रकार का व्यंजन घुघुत बनाया जाता है।
गांव हरिपुरा, हरसान और कपकोट में घुघुतिया त्योहार धूमधाम से मनाया गया। बच्चों ने आटे और गुड़ से बनाए पकवानों को सुखाकर रखा। मौके पर पावनी, मेहुल, अभी, खुशी, मोनिका, सत्यम, नेहा, चंदन बसेड़ा, देवकी, नैन सिंह, भूपेंद्र बसेड़ा, अंजू बसेड़ा, ईशू बसेड़ा आदि थे। (संवाद)