गदरपुर। क्षेत्र में आई आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए भारी नुकसान के आकलन के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शनिवार को तहसील मुख्यालय में विधायक अरविंद पांडेय ने अधिकारियों के साथ बैठक कर सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इधर, एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में 12 टीमों को सर्वे के लिए लगाया गया है। साथ ही ड्रोन की मदद से धान और गन्ने की फसल के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
क्षेत्रफल अधिक होने के कारण सर्वे रविवार तक पूरा होगा। विधायक की बैठक में पहुंचे भाकियू अराजनैतिक के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी ने दलपुरा, रोशनपुर और खेमपुर में धान को हुए नुकसान पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान तहसीलदार लीना चंद्रा, नरेश हुड़िया, सुरेश खुराना समेत कई अधिकारी व किसान मौजूद रहे।
किसान बोले
70 एकड़ धान की तैयार फसल नष्ट हो गई है। सरकार उचित मुआवजा दे। - गुरचरण सिंह विर्क, किसान, गदरपुर
20 एकड़ फसल तबाह, हम कर्ज में हैं। सरकार 50 हजार प्रति एकड़ मुआवजा दे। - नरेंद्र पाल सिंह, किसान गदरपुर
20 एकड़ धान खराब होने से मुझे भारी नुकसान हुआ है। सरकार ही अब सहारा है। - करनैल सिंह, किसान, गदरपुर
10 एकड़ तैयार फसल 20 मिनट में तबाह हो गई। पहले कभी ऐसा मंजर नहीं देखा। - बंटी मैनी, किसान, गदरपुर
कम मुआवजा मिला तो डीएम ऑफिस पर देंगे धरना
गदरपुर। गदरपुर-बाजपुर क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के उचित मुआवजे को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बैठक की। शनिवार को युवा ब्लॉक अध्यक्ष हरपाल सिंह विर्क के आवास पर हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने कहा कि ओलावृष्टि ने किसानों की फसल पूरी तरह बर्बाद कर दी है। प्रशासन प्रभावित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे और क्षेत्र को आपदाग्रस्त घोषित करे। जिलाध्यक्ष गुरसेवक सिंह ने कहा कि सरकार 15 दिन के अंदर मुआवजा राशि दे। महासचिव दर्शन सिंह देओल ने कहा कि किसान आंसू बहा रहे हैं और सरकार का रवैया उदासीन रहा है। युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू ने कहा कि सभी संगठनों को आगे आना चाहिए, प्रशासन वाजिब मुआवजा दे, नाममात्र की राशि नहीं। किसानों ने चेतावनी दी कि मुआवजा कम मिला तो डीएम कार्यालय पर धरना होगा।