बाजपुर। चीनी मिली गेस्टहाउस में रविवार को भारतीय मजदूर संघ के प्रदेशस्तरीय अधिवेशन का आयोजन किया गया। अधिवेशन का शुभारंभ भगवान विश्वकर्मा, भारत माता और संघ के संस्थापक स्व. दत्तोपंत ठैंगड़ी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसमें श्रमिकों की समस्याओं पर मंथन कर संघर्ष का एलान किया गया।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के कारण चीनी उद्योग संकट में है। चीनी मिल, मजदूर और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से संघ की ओर से सप्ताहभर पहले सीएम के समक्ष रखा गया। इस पर सीएम त्रिवेंद्र रावत ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की दो चीनी मिलें बंद होने से श्रमिकों में भारी रोष है।
कहा कि मजदूरों की लंबित समस्याओं को लेकर संघ संघर्ष का रास्ता अपनाएगा। उत्तरांचल चीनी मिल मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर नहीं कर पा रही है, जिससे प्रदेशभर में गन्ने का उत्पादन कम हो रहा है।
उन्होंने गन्ने की उन्न्त प्रजाति बीज को बढ़ावा देने, बाजपुर चीनी मिल का आधुनिकीकरण करने, चीनी मिलों मेें सह उत्पादन डिस्टलरी, एथनॉल सहित अन्य लंबित प्रक्रियाओं का निस्तारण कर जल्द संचालित करने, चीनी मिलों में श्रम विभाग के नियमों का पूर्ण रुप से पालन कराया जाए। संचालन महामंत्री अनिल सिंह ने किया।
वहां धीरज सिंह, फूल सिंह, अनिल यादव, शेखरानंद पांडे, पूरन चंद चौबे, कुंदन पाल, नरेश कौशिक, परविंदर सिंह, जयप्रकाश, उग्रसेन, हरीश सिंह, कपिल, यतेंद्र, निंरजन सिंह, गुरमीत सिंह, पवन कुमार आदि थे।
उत्तरांचल चीनी मिल संघ की नई कार्यकारिणी का गठन
अधिवेशन के दौरान उत्तरांचल मजदूर संघ की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इसमें सुरेंद्र प्रसाद (काशीपुर) अध्यक्ष, अवधेश कुमार (डोईवाला) उपाध्यक्ष, अनिल सिंह (बाजपुर) महामंत्री, दर्शन सिंह नेगी (बाजपुर) को कोषाध्यक्ष, प्रभुनाथ सिंह (नादेही जसपुर) कार्यकारी अध्यक्ष, अनिल चौधरी (किच्छा), श्याम कार्तिक (बाजपुर), राम मिलन (डोईवाला) और अंकुश (नादेही जसपुर) सदस्य चुने गए।