एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने नशे की दवाएं पकड़ने वाली पुलिस और एसओजी टीम की सराहना कर ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। एसएसपी ने कहा कि दस सालों में पहली बार जिले में इतनी बड़ी मात्रा में पुलिस ने नशे की दवाएं बरामद की हैं।
आईटीआई थाना क्षेत्र के पाकीजा कालोनी से ग्राम घासमंडी भोजपुर (मुरादाबाद) यूपी निवासी मो. अली को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि संपन्न प्रदेश पंजाब को नशे के कारण ही भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब पंजाब के सामान ही उत्तराखंड में नशीले पदार्थ के कारोबारी पांव पसार रहे हैं।
इसलिए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेशभर में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान जारी रहेगा। नशे की दवाई बेचने वाले मेडिकल स्टोरों का लाइसेंस ड्रग्स इंस्पेक्टर से रद्द करवाया जाएगा।
एएसपी कमलेश उपाध्याय ने कहा कि नशे की दवाएं रखने वाले मेडिकल स्टोरों पर ड्रग्स इंस्पेक्टर के साथ मिलकर छापा मारी की जाएगी।
वहां सीओ पीसी आर्या, कोतवाल वीके जेठा, ड्रग्स इंस्पेक्टर दीपक कुमार, एसएसआई अरुण कुमार, एसओ आईटीआई थाना हरेंद्र चौधरी, एसआई सुधाकर जोशी, एसओजी प्रभारी प्रहलाद सिंह बिष्ट, टीम के सदस्य कैलाश तोमक्याल, बीएस राणा, नीरज पाल, अब्दुल खालिद, ब्रजभूषण गुरुरानी शामिल थे।