वन कर्मियों की गिरफ्त से वारंटी के फरार होने से बखेड़ा खड़ा हो गया। ग्रामीणों और वनकर्मियों के बीच मारपीट और फायरिंग हो गई। इसमें एक वनकर्मी और तीन ग्रामीण चोटिल हो गए। ग्रामीणों ने वनकर्मियों पर फायरिंग और मारपीट का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है। इधर, वनकर्मी भी ग्रामीणों पर फायरिंग और डंडो से मारपीट का आरोप लगा रहे हैं।
ग्राम ककराला में रहने वाला होशियार सिंह वन अपराध के मामले में वांछित चल रहा था। बुधवार की सुबह पीपलपड़ाव रेंज के वन दरोगा हरीश सिंह कैड़ा अपनी टीम के साथ होशियार के घर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि होशियार को वनकर्मियों ने पकड़ लिया था। इसी बीच होशियार वनकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। इसके बाद बखेड़ा हो गया।
ग्रामीणों का आरोप था कि वनकर्मी गांव में जोगेंद्र के घर बैठकर होशियार को छोड़ने की एवज में पैसों की मांग कर रहे थे। बात न बनती देख वनकर्मी उसको अपने साथ ले जाने लगे थे और मौका पाकर होशियार फरार हो गया था। उसको भागता देख वनकर्मियों ने फायर झोंक दिया था। इससे ग्रामीण भी उग्र हो गए और उन्होंने वनकर्मियों को खदेड़ दिया था। मारपीट में वन कर्मी राजेश के कान और ग्रामीण मंगल सिंह, सोनी और जोगेंद्र कौर को चोटें आई हैं। महिलाओं ने वनकर्मियों से 12 बोर की बंदूक छीन ली। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।
ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस के सामने ही वनकर्मियों ने मंगल को बात करने बुलाया और उसके साथ भी मारपीट की थी। मंगल सिंह अपने परिवार के साथ पुलिस चौकी पहुंच घटना की तहरीर दी है। थानाध्यक्ष ललित मोहन जोशी ने बताया कि फायरिंग की सूचना पर पहुंची पुलिस को घटनास्थल पर कोई नहीं मिला था। ग्रामीणों ने सौंपी गई बंदूक से ही वनकर्मियों द्वारा फायरिंग की बात कही है। यदि वन कर्मी ग्रामीणों से घिर गए थे उसी समय पुलिस को सूचित कर सकते थे। ग्रामीणों की ओर से मिली तहरीर की जांच हो रही है।
इधर, रेंजर ओपी मठपाल ने बताया कि होशियार सिंह पूर्व मामलों में वांछित चलने के साथ ही सोमवार रात में एक पेड़ काटने का आरोप था। इसी की जांच को टीम गांव गई थी। जब होशियार वन कर्मियों की पकड़ से छूटकर भाग रहा था तो वन कर्मियों ने उसका पीछा किया। इसी बीच ग्रामीणों ने फायरिंग की और महिलाओं ने लाठियां और पत्थर बरसाए। घटना से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।