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दिल्ली के बाबा, हरिद्वार के ड्राइवर से तीन किलो चरस बरामद

Wed, 26 Sep 2018 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो  रुद्रपुर।
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रुद्रपुर में एसटीएफ के शिकंजे आये चरस तस्कर। अमर उजाला - फोटो : amar ujala
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बागेश्वर जिले से चरस की खेप लाकर उसे हरिद्वार में बेचने वाले दिल्ली के एक बाबा और हरिद्वार के ड्राइवर को एसटीएफ ने रुद्रपुर में दबोच कर तीन किलो चरस बरामद की है। दोनों के खिलाफ ट्रांजिट कैंप थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। 

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एसएसपी एसटीएफ देहरादून रिद्धिम अग्रवाल को पहाड़ी क्षेत्रों से मैैदानी क्षेत्रों में चरस तस्करी की सूचना मिली थी। उन्होंने इस संबंध में एसटीएफ कुमाऊं प्रभारी एमपी सिंह को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। सोमवार रात एसटीएफ कुमाऊं प्रभारी एमपी सिंह को सूचना मिली कि दो लोग बागेश्वर से चरस की खेप रुद्रपुर ला रहे हैं। इस पर एसटीएफ प्रभारी ने टीम के साथ ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र स्थित शिव मंदिर के पास से दो लोगों को तीन किलो चरस के साथ पकड़ लिया। पकड़े गए लोगों ने अपना नाम अंकित सिंह निवासी यमुना प्लेस विकास कॉलोनी गली नंबर चार थाना हरिद्वार और विनोद बाथम निवासी गोशाला आश्रम अशोक नगर (दिल्ली) बताया। एमपी सिंह ने बताया कि अंकित हरिद्वार में टैक्सी चालक है। मूलरूप से फतेहगढ़ फर्रुखाबाद का रहने वाला विनोद काफी समय पहले घर छोड़कर दिल्ली स्थित गोशाला में बाबा बनकर रहने लगा। दोनों बागेश्वर जिले से 40 हजार रुपये किलो के हिसाब से चरस खरीदकर उसे फुटकर में हरिद्वार में बेचते थे। टीम में एसआई प्रियंका भारद्वाज, पंकज बेलवाल, कांस्टेबल प्रताप दत्त शर्मा, गोविंद सिंह, अनूप नेगी, विरेंद्र चौहान, सुरेंद्र कन्वाल, दुर्गा पापड़ा, किशोर कुमार, महेंद्र गिरी शामिल थे। 
इनसेट 
पुलिस से बचने को साथ रखा था बाबा 
हरिद्वार का अंकित काफी समय से चरस तस्करी करता है। दिल्ली के बाबा विनोद को वह चरस की खेप लाने के लिए अपने साथ रखता था। ताकि, बाबा पर कोई शक न कर सके और माल पुलिस की पकड़ से भी बचा रहे। इससे पहले बाबा दो बाद उसके साथ चरस की खेप ला चुका है।  
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इनसेट 
बागेश्वर में चरस बेचने वाले रडार पर 
अंकित और विनोद से पूछताछ में एसटीएफ को बागेश्वर में चरस का काम करने वाले करीब आधा दर्जन युवकों के बारे में भी अहम सुराग मिले हैं। साथ ही एसटीएफ विनोद और अंकित के आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही एसटीएफ बड़े गिरोह का खुलासा कर सकती है। 
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