अमर उजाला में अवैध खनन की छपी खबर के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। सोमवार को तहसीलदार मदन सिंह बिष्ट ने तहसील कर्मियों के साथ ग्राम कुंईखेड़ी के समीप बौर नदी में छापा मारकर दो ट्रैक्टर-ट्रालियों को कब्जे में ले लिया। इस बीच खनन माफिया ने तहसीलदार के वाहन को टक्कर मारने का प्रयास भी किया और एक ट्रैक्टर-ट्राली छुड़ा ले गए।
जैसे ही तहसीलदार मदन सिंह बिष्ट टीम के साथ नदी में पहुंच तो खनन में लगे लोगों में खलबली बच गई, वे वाहन लेकर भागने लगे। टीम ने उपखनिज लदीं दो ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़ लिया। इस पर उन्होंने तहसीलदार के वाहन को टक्कर मारने की कोशिश की। अफरा-तफरी के बीच माफिया खनन सामग्री से भरी एक ट्रैक्टर ट्राली छुड़ा ले गए। दूसरी ट्रैक्टर ट्राली को जब्त कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
अभियान के दौरान टीम ने बैलगाड़ियों से कुछ लोगों को भी खनन सामग्री लेकर आते हुए पकड़ा, जिस पर सवार लोगों ने बताया कि वे स्वयं के उपयोग के लिए खनन सामग्री ले जा रहे हैं। टीम ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया।
बता दें कि रविवार को ग्राम खुशहालपुर एवं कुंईखेड़ी के ग्रामीणों ने थाना गदरपुर का घेराव कर क्षेत्र में बौर नदी से अवैध रूप से हो रहे खनन के कार्य पर रोक लगाने की मांग करते हुए थानाध्यक्ष प्रभात कुमार का घेराव किया था।
ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला मुख्यालय में भी शिकायती पत्र भेजकर अवैध खनन पर रोक लगवाने की मांग की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए तहसील प्रशासन की टीम ने बौर नदी में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ छापामार अभियान चलाया। तहसीलदार बिष्ट ने बताया कि मौके से भाग निकलने में कामयाब हुए खनन माफियाओं के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने पुलिस टीम को बौर नदी के सीमांत क्षेत्रों में अवैध खनन कर रहे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहां लेखपाल रमेश कुमार, इफ्तेखार अहमद, पुलिस उप निरीक्षक कुंदन सिंह अधिकारी, सिपाही बलवंत सिंह मनराल, शिवराज सिंह मेहरा, महेंद्र कुमार, छुन्नू अंसारी आदि थे।