शहर की बहुचर्चित वीडियो क्लीपिंग मामले में जबरन घर में घुसकर तोड़फोड़ करने और महिलाओं से अभद्र व्यवहार करने के पांच आरोपियों को प्रथम अपर सिविल जज ने एक-एक वर्ष की कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही छह हजार रुपए जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भोगना पड़ेगा।
सुभाष मार्ग मटके वाली गली निवासी जयचंद जैन की पुत्री नेहा ने 10 जनवरी 2008 को पुलिस को सौंपी तहरीर में कहा था कि उसके भाई दीपक का नाम कुछ लोगाें द्वारा अश्लील वीडियो क्लीपिंग में लाया जा रहा है। जिसके चलते शहर के करीब दो सौ लोग उसके घर के बाहर सड़क पर एकत्र हो गए। उनमें से 25 लोग जबरन उसके घर में घुस आए और तोड़फोड़ करने लगे। यही नहीं उन्होंने घर में मौजूद उसकी मां, बुआ और उससे अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। मामले की तहरीर पर पुलिस ने जाफरपुर निवासी संजू, मुख्य बाजार निवासी हरजिंदर सिंह हरजी व सोनू अनेजा, माडल कालोनी निवासी सुभाष छाबड़ा व वसुंधरा पार्क निवासी सुशील गावा के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 323, 452, 504, 506, 148 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। इधर सात साल चले मुकदमे के बाद अभियोजन पक्ष द्वारा मामले में दो गवाह पेश कर आरोपी व्यापारी संजू, देवभूमि नगराध्यक्ष हरजिंदर सिंह हरजी व पार्षद सोनू अनेजा, सुभाष छाबड़ा और कांग्रेसी नेता सुशील गावा पर जुर्म सिद्ध कर दिया। न्यायाधीश प्रथम अपर सिविल जज पारुल गैरोला ने सभी आरोपियों को एक वर्ष की कठोर कारावास व छह हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।