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मुनीम ही निकला लूट का मास्टरमाइंड, गिरफ्तार 

Wed, 03 Jul 2019 01:08 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
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रुद्रपुर पुलिस की हिरासत में फर्जी लूट को अंजाम देने वाले संदीप और सुरेंद्र।  - फोटो : अमर उजाला
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गदरपुर में हुई आठ लाख की लूट का मास्टरमाइंड आढ़ती का मुनीम संदीप कंबोज ही निकला। उसने तीन साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुनीम को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके एक साथी सुरेंद्र को लोगों ने सोमवार को ही पकड़ लिया था। सुरेंद्र से तमंचा भी बरामद हुआ है। वहीं, पुलिस ने आरोपियों से लूट की पूरी रकम बरामद कर ली है। लूट में शामिल दो अन्य आरोपियों को पकड़ने लिए दबिश दी जा रही है। 

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पुलिस कार्यालय में मंगलवार को मामलेे का खुलासा करते हुए एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने बताया कि बीते सोमवार की शाम गदरपुर अनाज मंडी निवासी आढ़ती राजेश सुखीजा का मुनीम संदीप कंबोज रुद्रपुर से आठ लाख की रकम लेकर कार से गदरपुर की ओर जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि कंटोपा गांव में बाइक सवार युवकों ने संदीप से रुपये लूट लिए हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने लूट में शामिल गदरपुर निवासी सुरेंद्र को ग्रामीणों की मदद से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि संदीप ही लूट का मास्टर माइंड है। इस पर कोतवाल केसी भट्ट के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि संदीप ने ही लूट की साजिश रची थी। 

ऐसे बनाई लूट की योजना
लूट के लिए संदीप (मुनीम) ने फतेहगंज (गदरपुर) निवासी अपने रिश्तेदार रजत को अपनी योजना में शामिल किया। रजत ने मदानपुर दिनेशपुर निवासी सुरेंद्र और केलाखेड़ा निवासी अनिल को अपने साथ लिया। योजना के तहत सोमवार को संदीप के गदरपुर से निकलने के बाद सुरेंद्र, अनिल और रजत बाइक से संदीप के पीछे लग गए और कंटोपा गांव में अनिल और सुरेंद्र रुक गए, जबकि रजत अनिल और सुरेंद्र को फोन पर पूरी जानकारी देता रहा। संदीप के वापस कंटोपा पहुंचने पर तीनों तमंचे से हवाई फायरिंग कर फर्जी लूट का नाटक कर रुपये लेकर फरार होने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने सुरेंद्र को दबोच लिया। उससे पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। आरोपियों से लूट की पूरी रकम बरामद कर ली गई है जबकि फरार अनिल और रजत की धरपकड़ के लिए दबिश दी जा रही है। 
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टीम पर इनाम 
रुद्रपुर। लूट की वारदात का खुलासा करने वाली टीम में सीओ सिटी हिमांशु शाह, एसओ दिनेशपुर दिनेेश फर्त्याल, एसएसआई कमलेश भट्ट, एसआई पान सिंह तोमक्याल, महेश चंद्र, कांस्टेबल गणेश पांडे, गोविंद सिंह, अनिल कुमार, महेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह और हरीश बिष्ट थे। एसएसपी ने टीम को ढाई और एसपी सिटी, एसपी क्राइम ने डेढ़-डेढ़ हजार रुपये नकद इनाम दिया। इसके साथ ही आढ़ती राजेश सुखीजा की ओर से भी टीम को 5100 रुपये का इनाम दिया गया। 

30 जून को ही बुन लिया था लूट का तानाबाना 
रुद्रपुर। मुनीम संदीप को 30 जून को रकम की वसूली करने जाने की बात पता चली तो उसने उसी दिन रजत के साथ मिलकर लूट का तानाबाना बुना। इसके बाद रजत ने अपने साथी सुरेंद्र और अनिल के साथ योजना साझा की। संदीप चार साल से राजेश के यहां मुनीम का काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार सुरेंद्र बाइक चोरी और नकबजनी के मामले में पहले भी दिनेेशपुर थाने से जेल जा चुका है। संदीप, अनिल और रजत के बारे में भी पुलिस छानबीन कर रही है।
 
रुद्रपुर में कम कर दी थी कार के टायर की हवा 
रुद्रपुर। सुनियोजित तरीके से लूट को अंजाम देने के लिए संदीप ने रुद्रपुर से निकलने के दौरान ही कार के टायर की हवा कम कर दी थी, जिससे कार धीरे चले। घटना के बाद संदीप ने लुटेरों की ओर से गोली से टायर में छेद कर टायर की हवा निकालने की बात कही थी। सुरेंद्र की जमीन रजत ने ठेके पर ली है।

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