एक अधेड़ ने आठ साल की बच्ची को अपनी हवश का शिकार बना लिया। आरोपी मासूम बच्ची को उसके घर से रामलीला दिखाने की बात कहकर जंगल ले गया। जंगल में उसने बच्ची साथ दुराचार किया। बाद में बेहोशी की हालत में उसे जंगल में ही छोड़ दिया। ग्रामीणों एवं पुलिस ने रात भर कांबिंग करने के बाद बच्ची को जंगल से बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार उदयनगर निवासी 45 वर्षीय कमलेश मंडल की तहसील के एक व्यक्ति से मित्रता है। रविवार की शाम को कमलेश ने उसके घर खाना खाया और उसकी आठ साल की मासूम बच्ची को गांव के पास में ही चल रही रामलीला दिखाने की बात कहकर अपने साथ ले गया। लेकिन कमलेश इस मासूम बच्ची को रामलीला स्थल पर न ले जाकर साइकिल में बिठाकर समीप के जंगल की ओर ले गया। जंगल में उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। वहशी दरिंदे ने बच्ची के चेहरे को भी नाखून से नोंच डाला। आरोपी की इस क्रूरता से बच्ची बेहोश हो गई।
जिसे देख वह बच्ची को एक बरसाती नाले के समीप छोड़ मौके से भाग निकला। बच्ची रात भर नाले के समीप पड़ी रही। उधर रामलीला समाप्त होने के बाद बच्ची के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की तो किसी ग्रामीण ने परिजनों को बच्ची को कमलेश के द्वारा साइकिल में बैठाकर जंगल की ओर ले जाने की बात कही।
जिसके बाद परिजनों के होश उड़ गए। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। थानाध्यक्ष मनोज रतूड़ी भारी संख्या में पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंच गए। लोगों के आक्रोश को देखते हुए उन्होंने रुद्रपुर से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुला लिया। पुलिस और ग्रामीणों ने रातभर जंगल में कांबिंग की। तड़के चार बजे के करीब बच्ची को टांडा रेंज के जंगल के प्लाट नंबर 17 से बरामद कर लिया गया।
पुलिस ने सुबह जगदीशपुर तिराहे से आरोपी कमलेश को भी दबोच लिया। पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ बच्ची साथ दुराचार करने के आरोप में धारा 376/ 363/ 5/6 पॉस्को अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करके आरोपी को जेल भेज दिया।