प्रशासन की ओर से टनकपुर रोड पर नाली निर्माण की जद में आ रहे एक भवन के आगे के हिस्से को तोड़ने के दौरान किराएदार और भवन स्वामी के बीच देर रात भिड़ंत हो गई। इससे मुख्य बाजार में अफरातफरी का माहौल और भीड़ जुट गई। दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत करवाया।
बृहस्पतिवार की दोपहर बाद एसडीएम विजयनाथ शुक्ल ने टनकपुर रोड पर नाली की जद में आ रहे निर्माण को हटाने के लिए जेसीबी लगवाई। इस बीच रमेश चंद्र अग्रवाल की किराये की दुकान का नाली की जद में आ रहा हिस्सा देर शाम तोड़ना शुरू हुआ।
रात करीब नौ बजे दुकान का तय चिह्नित दस फिट से अधिक हिस्सा टूटते ही विवाद शुरू हो गया। भवन स्वामी वीरेंद्र कुमार टंडन और किराएदार पक्ष के रमेश चंद्र अग्रवाल, रामबाबू अग्रवाल, व्यापार मंडल कोषाध्यक्ष हिमांशु अग्रवाल आदि के बीच एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप से मामला और धक्का मुक्की के साथ गरमा गया।
विवाद होता देख दोनों पक्षों के समर्थक मौके पर जुट गए। हाथापाई की नौबत आते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। इस बीच एसडीएम ने दोनों पक्षों से करीब एक घंटे से अधिक समय तक बातचीत की।
किरायेदार पक्ष के रामबाबू अग्रवाल ने कहा कि उनकी दुकान को ज्यादा तुड़वा रहे थे। जबकि भवन स्वामी पक्ष के वीरेंद्र टंडन का कहना था कि प्रशासन ने ही निर्माण तोड़ा है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
अतिक्रमण की आड़ में किसी को नहीं हटाया जाएगा। इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष अरुण सक्सेना, संतोष अग्रवाल, पवन अग्रवाल, दिनेेश अग्रवाल, नवीन अग्रवाल, संजय अग्रवाल, नितिन टंडन समेत अनेक व्यापारी थे।