ग्राम बरी अंजनियां में रविवार को गन्ना काट रहे मजदूरों को खेत में मानव कंकाल मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंकाल को कब्जे में ले लिया। मौके से जहर की शीशी और कपड़े बरामद हुए। कपड़ों से कंकाल की शिनाख्त गांव के ही एक युवक के रूप में हुई। घर से करीब सौ मीटर की दूरी पर ही युवक का शव मिलने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बरी अंजनियां निवासी रामदयाल के खेत में रविवार सुबह मजदूर गन्ने की कटाई कर रहे थे। इस दौरान उन्हें मानव कंकाल दिखाई दिया। खबर फैलते ही खेत में लोगों का जमावड़ा लग गया। खेत स्वामी की सूचना पर कोतवाल योगेश उपाध्याय, सत्रहमील चौकी प्रभारी अनिल उपाध्याय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। खेत में हड्डियां बिखरी थीं। आसपास कुछ कपड़े भी पड़े थे। पुलिस का मानना है कि जंगली जानवरों के नोंचने से कंकाल के हिस्से अलग-थलग पड़े होंगे। यहां कुछ शीशियां भी मिली, जिनमें एक शीशी जहर की थी।
खेत में कंकाल मिलने की सूचना पर रामदयाल के पड़ोस में रहने वाले रामजीत भी पहुंचे। कंकाल के पासे मिले कपड़ों से उन्होंने मृतक की पहचान साढ़े तीन माह पूर्व लापता अपने पुत्र ओमकार (25) के रूप में की। उन्होंने बताया कि ओमकार 26 अगस्त से लापता था। परिजनों ने किसी भी तरह के विवाद और प्रेम प्रसंग से इनकार किया है। पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए डीएनए सैंपल भी जांच के लिए भेजा है। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि ओमकार मानसिक रूप से कमजोर था और मौके से मिली जहर की शीशी से प्रथमदृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ हद तक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
रक्षाबंधन के दिन सुबह घर से निकला था ओमकार
खटीमा। बरी अंजनियां निवासी रामजीत ने बताया कि उसका पुत्र ओमकार 26 अगस्त रक्षाबंधन के दिन से लापता था। उन्होंने उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। बताया कि ओमकार क्षेत्र में मजदूरी करता था और रुद्रपुर सिडकुल में भी मजदूरी करने जाता था। वह पांच भाइयों राजकुमार, शिवकुमार, रामनवल और उमेश के बाद सबसे छोटा था।
घर के पास कंकाल मिला लेकिन दुर्गंध न आई!
खटीमा। गन्ने के खेत में मिला कंकाल यूं तो बसासत से करीब सौ मीटर की ही दूरी पर था लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आसपास गन्ने के खेतों के कारण लोगों को पता नहीं चल सका। वहीं घर के पास कंकाल मिलने को लेकर ग्रामीणों में यह भी चर्चा रही कि आखिर आसपास के लोगों को दुर्गंध क्यों नहीं आई और घटना का पता क्यों नहीं चल सका।