सिरसा-सिडकुल मार्ग के कांट छांट के खिलाफ व्यापार मंडल द्वारा आहूत बंद का व्यापक असर रहा। नगर व ग्रामीण क्षेत्र के सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठे लोगों ने राज्य सरकार पर क्षेत्र के साथ सौतेला व्यवहार किए जाने का आरोप लगाते हुए पुराने डीपीआर के मुताबिक सड़क का निर्माण कार्य आरंभ होने तक क्रमिक अनशन जारी रखने का निर्णय लिया। आंदोलनकारियों ने नगर क्षेत्र के कई स्कूलों को भी बंद करवाया। आंदोलन के समर्थन में निजी बस-टेंपो का संचालन भी पूर्णत: बंद रहा।
व्यापार मंडल के आह्वान पर शुक्रवार को प्रस्तावित बंद व धरना प्रदर्शन के चलते सुबह से ही व्यवसायी व क्षेत्र के तमाम जनप्रतिनिधि नगर में एकत्र हुए। जुलूस निकालकर नगर में प्रदर्शन करने के पश्चात मुख्य मार्ग पर ही धरने पर बैठे। व्यापार मंडल अध्यक्ष राधाकृष्ण अग्रवाल ने इसे गैर राजनीतिक आंदोलन करार देते हुए सभी वर्गों से समर्थन का आह्वान किया।
धरने पर बैठे भाजपा नेता सौरभ बहुगुणा ने कहा कि राज्य सरकार ने द्वेष की भावना के चलते अति महत्वपूर्ण सिरसा मार्ग की लंबाई को तीन किमी व चौड़ाई को डेढ़ मीटर कम कर सूखी नदी में बनने वाले काजवे को निरस्त किया है। कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने इस सड़क की डीपीआर में परिवर्तन कर इसके महत्व को ही समाप्त कर दिया।
धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि सड़क की मोटाई बढ़ाने का बहाना बनाकर सड़क की कांट छांट कर वित्तीय घालमेल की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि 2013 में बनी पहली डीपीआर के मुताबिक 22 किमी लंबी, 7 मीटर चौड़ी व सूखी नदी में 825 मीटर काजवे से कम कुछ भी मंजूर नहीं है।
कहा कि नाप में कटौती कर सड़क निर्माण का पुरजोर विरोध किया जाएगा और ऐसी सड़क को किसी भी कीमत पर बनने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने पुरानी डीपीआर के अनुसार सड़क निर्माण आरंभ होने तक क्रमिक अनशन जारी रखने का निर्णय लिया। धरने पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ सहदौरा व अलीनगर के दर्जनों लोग भी बैठे। संचालन व्यापार मंडल जिला मंत्री विजय वागला ने किया।
वहां पर नगर पंचायत चेयरमैन सुकांत ब्रहम, बंगाली कल्याण समिति पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्रनाथ सरकार, प्रधान रबिन खान, पूर्व मंडी समिति चेयरमैन अमरजीत कटवाल, शिखा हालदार, महेंद्र सिंह, संजय बछाड़, दीपक बढ़ाल, पवित्र मंडल, बस यूनियन अध्यक्ष ओमप्रकाश दुआ, आप नेता जितेंद्र पाल सिंह, डा. विनय मंडल, आदेश ठाकुर, जगदीश डालमिया, गोपाल सरकार, बीडीसी विधान दास, परेश मंडल, ब्रिंची बाइन, पिंटू मुखर्जी, सुनील मंडल, कन्हाई दास आदि थे।