किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी को द्वितीय अपर जिला जज ओमकुमार ने सात वर्ष की कैद और सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त कैद भी भुगतनी पड़ेगी। दुष्कर्म का दोषी पांच बच्चों का पिता है।
एक व्यक्ति ने कुंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दो अप्रैल 2018 की दोपहर करीब एक बजे उसकी नाबालिग बेटी बाथरूम में नहा रही थी, तभी सलीम अहमद घर में घुस आया। आरोप है कि सलीम ने उसकी बेटी को डरा-धमकाकर उससे दुष्कर्म किया। बेटी के शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की विवेचना एसआई सीमा कोहली ने की। मुकदमे की सुनवाई द्वितीय एडीजे ओमकुमार की अदालत में हुई।
दोनों पक्षों और गवाहों के बयान सुनने के बाद अदालत ने सलीम को किशोरी से दुष्कर्म का दोषी पाया। अदालत ने धारा 376 के तहत दोषी को सात वर्ष के सश्रम कारावास और सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। धारा 452 में तीन वर्ष की सजा व दो हजार के जुर्माने, धारा 506 में दो वर्ष के कारावास व एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक प्राधिकरण को आदेशित किया है।