पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह।
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बस्ती। प्रयाग डिपो बस के सातों यात्रियों को कुचलने वाले ट्रॉले की स्टीयरिंग हादसे के वक्त खलासी के हाथ में थी। रात दो बजे के आसपास जब ट्रॉला लेकर घटनास्थल पर पहुंचा तो सामने बाएं वाली लेन में गलत साइड से बस खड़ी देखा। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि एकाएक उसकी नजर रोडवेज बस के चालक साइड में खड़े लोगों पर पड़ी। ट्रॉला बस में टकराने से बचाने की कोशिश में उसने अपना नियंत्रण खो दिया। नतीजतन, आठों बस यात्रियों को कुचलते हुए ट्रॉला निकल गया।
एसपी दिलीप कुमार के अनुसार घटना की सूचना वायरलेस पर प्रसारित करके जगह-जगह नाकेबंदी कराई गई। आधे घंटे बाद पश्चिम की तरफ से बड़ेवन टोल प्लाजा के पास जैसे ही ट्रॉला पहुंचा, कोतवाली टीम ने काबू में कर लिया। कानपुर के बर्रा क्षेत्र के रहने वाले ड्राइवर अनिल के अनुसार फैजाबाद पहुंचने के बाद उसे नींद आने लगी थी। ऐसे में गाड़ी खलासी अमित निवासी अकबरपुर जिला कानपुर देहात चलाने लगा। ड्राइविंग सीट पर उसे बैठाने के बाद अनिल केबिन में सो गया। माना जा रहा है कि यदि नियमित चालक के हाथ में स्टीयरिंग रही होती तो हादसा बच गया होता।
सीएम का हर संभव मदद का निर्देश
डीएम डॉ. राजशेखर के अनुसार जिला प्रशासन ने घटना के बारे में तड़के ही मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया। मुख्यमंत्री की तरफ से घायलों के बेहतर उपचार और दिवंगतों के परिवारवालों को उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया है।
कास्तकारी का अलग से मुआवजा
विवेकानंद को मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा का अलग से लाभ देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। एसडीएम हर्रैया शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि हर्रैया तहसील के अंतर्गत दुबौलिया थाने के बरसांव निवासी विवेकानंद तिवारी के नाम कृषि भूमि है। इसलिए वह मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा के पात्र थे। ऐसे में बाकी मृतकों की अहेतुक सहायता राशि/अनुदान के साथ अलग से इसका फायदा दिया जाएगा।