चार महीने पहले चावल घोटाले को लेेकर एसआईटी की जांच के दौरान स्टेट पूल गोदाम रुद्रपुर और किच्छा से लिए गए चावल के सात नमूने मिस ब्रांडिंग (फेल) पाए गए हैं। सात में से एक चावल के नमूने में घुन पाया गया है। मामले में खाद्य विभाग ने राइस मिल मालिकों को दूसरी जगह जांच कराने के लिए नोटिस भेजकर एक महीने की मोहलत दी है। इधर, एसआईटी प्रभारी रहे एडीएम नजूल ने आरएफसी कुमाऊं को दोषी कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। बताया जा रहा है कि मामले में गोदाम प्रभारियों पर गाज गिर सकती है।
एसआईटी ने चावल घोटाले को लेकर सितंबर में स्टेट पूल गोदाम रुद्रपुर, किच्छा, काशीपुर गोदामों में जांच की थी। जांच में सीएमआर और राज्य पोषित योजना के चावल में बड़ी गड़बड़ियां पकड़ी गई थी। बोरों के साथ ही चलित चालान को लेकर भी बड़ा खेल पकड़ा गया था। एसआईटी ने आरएफसी के स्टाफ से चावल की जांच करवाई थी। जो सही बताया गया था। एसआईटी के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने किच्छा गोदाम से तीन और रुद्रपुर गोदाम से चावल के चार नमूने लेकर जांच को खाद्य एवं औषधि विश्लेषण लैब रुद्रपुर को भेजे थे। जांच में सभी नमूनेे मिस ब्रांडिंग पाए गए हैं। रुद्रपुर गोदाम से लिए चावल के एक नमूने में कीड़ा लगे होने की पुष्टि हुई है।
लैब में चावल के नमूनों में नमी, फाइनमेटर, टूटन, कीड़े, सिंथेटिक रंग की जांच की गई थी। मामले में खाद्य विभाग की ओर से संबंधित मिल मालिकों को नोटिस भी जारी किया गया है। जांच रिपोर्ट से प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। जिला खाद्य अभिहित अधिकारी मनीष सयाना ने बताया कि नमूने मिस ब्रांडिंग होने की पुष्टि के बाद अब संबंधित राइस मिल मालिकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा मान अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
मंगलमूर्ति राइस मिल के चावल में कीड़े की पुष्टि
एसआईटी की जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने रुद्रपुर और किच्छा गोदाम से अन्नपूर्णा राइस मिलर्स, परम राइस मिलर्स, श्याम बाबा, मंगलमूर्ति, स्वास्तिक, जगदंबा राइस मिलर्स, मित्तल एग्रो से आए चावल के स्टॉक से सैंपल जांच को लिया था। सभी राइस मिलर्स का चावल मिस ब्रांडिंग पाया गया है। मंगलमूर्ति राइस मिलर्स के चावल में घुन लगा होने की पुष्टि हुई है। घुन लगे चावल के मामले में होने वाले मुकदमे की सुनवाई सीजेएम कोर्ट में होगी।
रुद्रपुर और किच्छा गोदाम से लिए गए चावल के नमूने जांच में फेल हुए हैं। मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी मुकदमा दर्ज करेंगे। छह मामलों में मुकदमा एडीएम कोर्ट और एक मामले का मुकदमा सीजेएम कोर्ट में चलेगा। मामले में खाद्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों की भी लापरवाही है। आरएफसी कुमाऊं से दोषी अधिकारी, कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की संस्तुति की गई है।
-जगदीश चंद्र कांडपाल, एडीएम नजूल