फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संदिग्ध हालात में जहर खाने से महिला की मौत

Sun, 24 Dec 2017 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूूराे जालाैन
विज्ञापन
कोतवाली में तहरीर देने पहुंचे महिला के परिजन - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला इंद्रानगर निवासी शांति देवी (48) पत्नी धूराम केवट की शुक्रवार की रात संदिग्ध हालत में जहर खाने से हालत बिगड़ गई। तब वह घर पर अकेली थी। काम से लौटे परिजनों ने उसे घर से चंद कदम दूर गली में बेहोश पड़ा पाया। परिजन आनन फानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह झांसी पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


परिजन शव घर ले आए। सूचना पाकर पुलिस घर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूछताछ करने पर पति धूराम ने मोहल्ले के ही सुरेंद्र यादव व उसके लड़के अभिषेक यादव पर जबरन शांति को जहर खिलाकर मारने का आरोप लगाया है। बताया कि सुरेंद्र उससे रंजिश मानता है। धूराम ने उक्त दोनों के खिलाफ हत्या करने की तहरीर कोतवाली में दी है। इंस्पेक्टर का कहना है कि मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

दो दिन पहले आरोपियों से हुआ था विवाद
धूराम ने बताया कि गुरुवार की शाम उसका बेटा अर्जुन अपनी स्कार्पियो लेकर घर आ रहा था। गली में ट्रैक्टर ट्राली खड़ी होने से उसने स्कार्पियो आरोपी सुरेंद्र यादव के दरवाजे पर बने रपटे पर चढ़ा दी, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। इस पर सुरेंद्र ने अर्जुन के साथ गाली गलौच कर मारपीट कर दी और ईंट से गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। विरोध करने पर सुरेंद्र का लड़का अभिषेक घर से लाइसेंसी रायफल उठा लाया और जान से मारने के लिए अर्जुन व धूराम पर फायर करने लगा। किसी तरह वह बच गए। इसके बाद सुरेंद्र उसके घर जा पहुंचा व धूराम की पत्नी शांति देवी को सड़क पर घसीट लाया और मारपीट कर दी। इसकी सूचना धूराम ने पुलिस को दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्ष को पकड़कर कोतवाली ले आई थी, जहां लाकअप में बंद सुरेंद्र व अभिषेक बराबर धूराम व अर्जुन को जान से मारने की धमकी देते रहे। सुबह पुलिस ने सभी को जमानत पर छोड़ दिया।
विज्ञापन


बाहर जाते ही पत्नी को मार डाला
धूराम ने बताया कि वह अपने बेटों अर्जुन व अरुण के साथ किसी काम से शुक्रवार की शाम बाहर गया था। तभी रात में शांति को अकेला पाकर सुरेंद्र व अभिषेक ने धावा बोल दिया। उक्त दोनों उसे घर से खींच कर सड़क पर ले आए और मारपीट की। इसके बाद उसे जबरन कोई जहरीला पदार्थ पिला दिया, जिससे की उसकी जान चली गई। उसकी पत्नी सुरेंद्र के ही घर के बाहर बेहोश पड़ी हुई मिली थी।

पुलिस चेत जाती तो बच जाती जान
पत्नी की मौत से बेसुध धूराम बार बार एक ही बात कह रहा था कि पुलिस अगर उसकी बात सुन लेती तो उसकी पत्नी की मौत न होती। जमानत पर रिहा होने के बाद सुरेंद्र व अभिषेक ने दोबारा घर पर आकर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। उसने यह बात पुलिस को भी बताई, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और फिर सुनियोजित तरीके से आरोपियों ने उसकी पत्नी की हत्या कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें