फाइनेंस कंपनी में पड़ी डकैती का खुलासा कर पुलिस ने सात बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से लूटे गए एक लाख दस हजार रुपये, तीन तमंचे, दो पिस्टल, दो टैबलेट, दो बाइक बरामद की हैं। एक आरोपी बीबीए पास है, डकैती में शामिल एक आरोपी अभी फरार है। डीआईजी कुमाऊं अजय रौतेला ने डीजीपी की ओर से पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
मंगलवार को एएसपी कार्यालय में डीआईजी अजय रौतेला, कप्तान सदानंद दाते, एएसपी डॉ.जगदीश चंद्र ने पत्रकार वार्ता में आठ मई को जसपुर खुर्द स्थित सेटिंग क्रेडिट केयर नेटवर्क (फाइनेंस कंपनी) में पड़ी डकैती का खुलासा किया। हथियारबंद बदमाश दिनदहाड़े पांच कर्मचारियों और तीन ग्राहकों को बंधक बनाकर दो लाख 67 हजार रुपये लूट ले गए थे।
घटना के खुलासे के लिए एसएसपी ने पुलिस की दो टीमें गठित की थीं। डीआईजी रौतेला ने बताया आईटीआई थाना प्रभारी जसवीर सिंह चौहान और दूसरी एसओजी के दरोगा विद्या दत्त जोशी के नेतृत्व में बनीं टीमों ने। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र और सीओ राजेश भट्ट के निर्देशन में रात दिन काम किया।
छानबीन में जसपुर खुर्द के एक सीसीटीवी में बदमाशों की कार की नंबर प्लेट कैद हो गई। एसएसपी दाते ने बताया कि जांच पड़ताल में पता चला कि इस गिरोह ने तीन मई को इज्जतनगर बरेली, 24 अप्रैल को बाबूगढ़ हापुड़ और आठ मई को काशीपुर में डकैती डाली। बताया कि कुलदीप नाम का बदमाश कुछ दिन तक इसी फाइनेंस कंपनी में काम कर चुका है। उसी ने गिरोह बनाकर लूट को अंजाम दिया है।
सोमवार को मुखबिर ने बदमाशों के काशीपुर आने की सूचना दी। इस पर एएसपी डॉ. जगदीश चंद और सीओ काशीपुर राजेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अलीगंज मार्ग स्थित ठाकुरद्वारा मोड़ पर जाल बिछा दिया। एक जायलो कार (यूके07-बीके-8275) को रोका तो कार सवार एक युवक निकलकर फरार हो गया।
पुलिस ने कार चालक सहित सात लोगों को हिरासत में ले लिया। छानबीन में कार से तीन तमंचे, दो पिस्टल, दो टैबलेट और एक लाख दस हजार रुपये बरामद हुए। पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई। कड़ी पूछताछ में बदमाशों ने जसपुर खुर्द में डकैती डालना स्वीकार किया है।
तब पुलिस ने प्रदीप कुमार उर्फ चाचा निवासी बीर खेड़ा बुलंदशहर (यूपी), सचिन मेहरा निवासी गांबड़ी थाना प्रतारपुर मेरठ, आनंद भाटी उर्फ आदित्य भाटी निवासी ग्राम कमालपुर थाना कमोरडे बुलंदशहर, पंकज उर्फ टीटी निवासी पिलखुवा शिवाजी नगर हापुड़, कुलदीप कुमार उर्फ चौधरी निवासी सोजना थाना खानपुर बुलंदशहर, वीरेंद्र सिंह उर्फ बुड्ढा निवासी शाहपुर थाना रसूलपुर बुलंदशहर और इंतजार हुसैन निवासी खुशालपुर थाना सहसपुर देहरादून के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। आनंद भाटी बीबीए पास है। बदमाशों ने अपने फरार साथी का नाम संजीव उर्फ काले निवासी ग्राम रामगढ़ थाना औरंगाबाद (यूपी) बताया है। पत्रकार वार्ता के दौरान प्रभारी कोतवाल रचिता जुयाल भी मौजूद थीं।
सीसीटीवी फुटेज बनी मददगार
डकैती के बाद भाग रहे बदमाशों की कार की नंबर प्लेट जसपुर खुर्द में एक प्रापर्टी डीलर के सीसीटीवी में आ गई। सीओ राजेश भट्ट ने बताया कि पुलिस टीम ने कई बैरियरों के सीसीटीवी चेक किए। इसकी सहायता से पुलिस पहले कार के मालिक और फिर कार चालक तक पहुंच गई। कार चालक डकैती में शामिल था। कार सलीम पुत्र करम बख्श निवासी टकरानी देहरादून की है। कार सीज कर दी गई है।
प्रदीप है गिरोह का सरगना
डकैती गिरोह का सरगना प्रदीप कुमार उर्फ चाचा है। उसको पता था कि प्रतिदिन कितना कैश जमा होता है। उसी के नेतृत्व में फाइनेंस कंपनी की सभी शाखाओं में डकैती डाली गई। बताया जाता है वह कुछ समय के लिए इसी फाइनेंस कंपनी में रहा, फिर उसने नौकरी छोड़कर अपना गैंग बना लिया, जो लोग फाइनेंस कंपनी से काम छोड़ते वह उनसे संपर्क कर कंपनी के संबध में जानकारी लेता और यह पता लगा लेता कि किस ब्रांच में प्रतिदिन कितने रुपये आते हैं।
जब जसपुर खुर्द की ब्राच में डकैत कैश समेट रहे थे। प्रदीप ने ही ब्रांच मैनेजर से कहा कि आज कैश इतना कम क्यों है, क्योंकि उसको मालूम था कि इस ब्रांच में प्रतिदिन कितना कैश आता है। उसका यह सवाल पुलिस के लिए महत्वपूर्ण क्लू बन गया। प्रदीप के खिलाफ आईटीआई, इज्जतनगर (बरेली) बाबूगढ़ (हापुड़), सोनीपत (हरियाणा) और पिलखुवा में लूट, डकैती, पुलिस मुठभेड़ सहित अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज है।
गिरोह को पकड़ने वाली टीम
जसपुर खुर्द में आठ मई को फाइनेंस कंपनी में पड़ी डकैती का खुलासा करने वाली टीम में आईटीआई थाना प्रभारी जसवीर सिंह चौहान, एसओजी प्रभारी विद्या दत्त, एसआई ओम प्रकाश, एसओ के सिपाही नीरज कुमार, महेंद्र डंगवाल, सिपाही खीम सिंह, तोरन सिंह, वीरेंद्र सिंह, मुकेश, दीपक कठैत, कुलदीप, प्रवीन, कैलाश, देवेंद्र बिष्ट, संतोष रावत, गिरीश कांडपाल आदि थे।