हाईकोर्ट के आदेश पर चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान में प्रशासनिक अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए व्यापारी और धार्मिक संगठनों के आह्वान पर रविवार को मुख्य बाजार पूरी तरह से बंद रहा। व्यापारी नेताओं ने करीब 3:30 घंटे बाजार में घूमकर छुटपुट खुली दुकानों को बंद कराया। बाजार बंदी से खरीदारी करने आए लोगों को निराश होना पड़ा। बाजार बंदी से करीब पांच करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित हुआ है। कोतवाल ने व्यापारी नेताओं से जबरन बाजार बंद नहीं कराने की हिदायत भी दी। अब सोमवार को साप्ताहिक बंदी की वजह से भी बाजार बंद रहेगा।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार रविवार को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश बंसल, महानगर अध्यक्ष संजय जुनेजा, महामंत्री हरीश अरोरा, देवभूमि व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह, नगर अध्यक्ष हरविंदर सिंह सहित अन्य व्यापारी बाटा चौक पर एकत्र हुए। उन्होंने जुलूस की शक्ल में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए खुली हुई दुकानों को बंद करा दिया।
साथ ही दुकान खोलने वालों से जायज मांग को लेकर शुरू किए गए आंदोलन के लिए सहयोग की अपील की। व्यापारी नेता मुख्य बाजार, भगत सिंह चौक, गुड़ मंडी, सिब्बल सिनेमा रोड, हरि मंदिर गली, दुर्गा मंदिर गली, काशीपुर बाईपास रोड, अग्रसेन चौक सहित विभिन्न जगहों पर घूमे। इस दौरान कुछ जगहों पर दुकानें और मॉल खुले हुए थे, जिन्हें व्यापारियों ने बंद करा दिया। जरूरी सेवा होने की वजह से मेडिकल स्टोर सांकेतिक रूप से बंद रहे।
बाजार बंदी से खरीददारी करने आए लोगों को लौटना पड़ा। बाजार बंद के दौरान जगह-जगह दुकानों के आगे व्यापारियों के झुंड अतिक्रमण अभियान को लेकर चर्चा करते रहे। इधर, कोतवाल केसी भट्ट ने बाजार पहुंचकर व्यापारी नेताओं से जबरन बाजार बंद नहीं करने की चेतावनी दी। कहा कि जो व्यापारी दुकान खोलना चाहता है, उस पर बंदी का दबाव नहीं डाला जाए। वहां पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष जगदीश तनेजा, पवन गाबा, संजय ठुकराल, राजेश कामरा, विजय फुटेला, सुनील आर्य, विक्की सिडाना सहित अनेक मौजूद रहे।
दो व्यापार मंडल साथ तो व्यापारियों ने दिखाई एकजुटता
रुद्रपुर। व्यापारियों के हित के लिए प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल और देवभूमि व्यापार मंडल सक्रिय है, लेकिन दोनों एक-दूसरे के साथ खड़े रहने से गुरेज करते हैं। जब से अतिक्रमण अभियान चला है, दोनों संगठनों के सुर भी अलग ही रहे। लेकिन, शनिवार को बाजार बंदी के आह्वान पर दोनों साथ खड़े हुए तो रविवार को व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद कर एकजुटता दिखा दी। अब देखना है कि प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा किस अंजाम तक पहुंचता है।
पेट्रोल पंप और स्कूल प्रबंधकों से साधा संपर्क
रुद्रपुर। अतिक्रमण अभियान के खिलाफ गुस्से में लाल व्यापारी पूरी तरह से आरपार की लड़ाई की तैयारी में जुटे हैं। बेमियादी बाजार बंद के आह्वान को मिले भरपूर समर्थन के बाद अब पेट्रोल पंप संचालक, प्राइवेट डाक्टर और स्कूल संचालकों से आंदोलन के समर्थन में प्रतिष्ठान बंद रखने को संपर्क साधा जा रहा है। इसके अलावा सोमवार शाम को पांच मंदिर में महिलाओं की बैठक भी बुलाई गई है। इसको लेकर बाजार में लाउडस्पीकर से उद्घोषणा भी कराई गई। व्यापारी पूरी तरह से प्रशासन को दबाव में लेने की रणनीति में जुटे हैं।
पहले ही कदम उठा लेते तो बच जाता नुकसान
रुद्रपुर। व्यापारी संगठनों के आह्वान पर बेमियादी बंद के दौरान व्यापारी बाजार बंद को लेकर चर्चा में जुटे रहे। कुछ व्यापारियों ने कहा कि अगर बंदी का फैसला पहले ही ले लिया जाता तो व्यापारियों को इतना नुकसान तो नहीं झेलना पड़ता। कुछ ने तो यह राय व्यापारी नेताओं के सामने भी बेझिझक रख दी। व्यापारी नेताओं ने साफ किया तो वे अतिक्रमण हटाने के खिलाफ नहीं बल्कि प्रशासन के तौर तरीके और खराब व्यवहार के खिलाफ हैं।