क्षेत्र में लगभग एक दर्जन स्थानों पर अवैध कच्ची शराब की बिक्री का धंधा फलफूल रहा है। लोगों ने पुलिस और आबकारी विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।
क्षेत्र में कच्ची शराब की बिक्री रोकने में पुलिस और आबकारी विभाग नाकाम साबित हो रहा है।
हरिपुरा जलाशय के पास कटपुलिया, ककराला और रामचंद्रपुर में कच्ची शराब बनाई जाती है। छोटा पाउच बीस रुपये और बड़ा 40 रुपये का बिकता है। आईटीआई के समीप, गूलरभोज रेलवे स्टेशन के समीप, मेन बाजार, नई बस्ती, रामलीला मैदान, कालोनी नंबर दो, कटपुलिया और कई ठेलों पर भी इनकी बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। सरकारी शराब दुकान स्वामी के अनुसार क्षेत्र में कच्ची शराब की बिक्री से उनकी बिक्री भी प्रभावित हो रही है। धंधे में लिप्त लोगों का सूचना तंत्र भी मजबूत है। छापेमारी की कार्रवाई से पहले ही उन्हें सूचना मिल जाती है और वे सतर्क हो जाते हैं।
गूलरभोज क्षेत्र में कच्ची शराब के खिलाफ शिकायतें मिल रही हैं। इसके लिए समय-समय पर छापामारी अभियान भी चलाए जाते हैं। बताया कि जिला आबकारी के निर्देश पर अब जल्द ही छापामारी का अभियान शुरू किया जा रहा है।
-एनएस मर्तोलिया, आबकारी निरीक्षक
एक माह पूर्व कच्ची शराब के खिलाफ मुहिम चलाई गई थी। इसमें छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इसके बाद भी यदि शराब की बिक्री हो रही है तो इसे रोकने को कार्रवाई की जाएगी।
-राजेंद्र प्रसाद, पुलिस चौकी प्रभारी, गूलरभोज