पंतनगर कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार को कुलपति ने निलंबित कर दिया है। उन पर नौकरी के लिए आरक्षित वर्ग का गलत जाति प्रमाणपत्र देने का आरोप है। डॉ. अवधेश ने अनुसूचित जाति कोटे से 1999 में पंतनगर विवि में सहायक प्राध्यापक की नौकरी हासिल की थी। उत्तर प्रदेश का निवासी होने के कारण उस समय उन्होंने मैनपुरी तहसील से जारी जाति प्रमाणपत्र पेश किया था।
उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उन्होंने तहसील किच्छा से जाति प्रमाण-पत्र हासिल किया। तहसील किच्छा से जारी प्रमाणपत्र के आधार पर उन्हें आरक्षित कोटे से 2005 में सह प्राध्यापक की नौकरी मिल गई। इसी सप्ताह तहसीलदार किच्छा ने डॉ. अवधेश का जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया। जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने पर कुलपति एके मिश्रा ने उन्हें निलंबित कर कृषि विज्ञान केंद्र जागधार से संबद्ध कर दिया है।
कुलपति ने इस मामले की जांच वेटरनरी के प्रोफेसर पूर्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. एसपी सिंह को सौंपी है। इस संबंध में मुख्य कार्मिक अधिकारी रुचि मोहन रयाल ने प्रशासनिक आदेश जारी किए हैं। उधर, निलंबित प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि उनके खिलाफ साजिश हुई है। उन्होंने बताया कि उनका जाति प्रमाणपत्र विश्वविद्यालय द्वारा जारी प्रमाणपत्र एवं तथ्यों के आधार पर जारी हुआ था। यदि उन्हें विश्वविद्यालय से न्याय नहीं मिला तो वह अदालत में जाएंगे।