फर्जी चिकित्सा प्रमाण पत्रों के आधार पर प्रैक्टिस कर रहे दो झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चिकित्सा अधीक्षक ने रिपोर्ट दर्ज करायी है।
चिकित्साधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीमों ने मंगलवार की देर रात तक छापामारी की। झोलाछाप डॉक्टरों में खलबली मच गई। वह अपने क्लीनिक बंद कर खिसक गए।
पुलिस ने नामजद झोलाछाप डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। डीएम के निर्देश पर सरकारी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय कुमार और चिकित्सा कर्मियों ने पुलिस के साथ मंगलवार की देर रात तक शहर, ग्रामीण क्षेत्र के झोला छाप डॉक्टरों के क्लीनिकों पर छापे मारे।
इस दौरान मोहल्ला जटवारा निवासी नईम अंसारी, ग्राम निवारमंडी निवासी शफीक अहमद के क्लीनिकों पर छापा मारकर प्रमाण पत्र दिखाने को कहा। जांच में सभी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए।
क्लीनिकों पर एलोपैथिक दवाओं में टेबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शनों का जखीरा था। पुलिस ने दोनों झोलाछाप डॉक्टरों को गिरफ्तार कर लिया।
छापामार कार्रवाई से हड़कंप मचा रहा। कुछ फर्जी डॉक्टर क्लीनिक बंद कर छिप गए। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संजय सिंह ने बताया कि छापामार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।