गल्फार इंजीनियरिंग एंड कपूर इंडिया लिमिटेड पर अवैध खनन के मामले में आठ करोड़ का जुर्माना लगने के सप्ताह भर बाद जिलाधिकारी ने आरएस कंस्ट्रक्शन पर खनन सामग्री का अवैध स्टाक लगाने पर पौने तीन करोड़ का जुर्माना किया है। एसडीएम ने कंस्ट्रक्शन कंपनी को सप्ताह भर के भीतर जुर्माना अदा करने का नोटिस जारी किया। जबकि एक माफिया पर जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कार्रवाई नहीं की गई।
उल्लेखनीय है कि गत 18 नवंबर को तत्कालीन एसडीएम ईला गिरी के निर्देश पर तहसीलदार आरसी गौतम ने उकरौली और साधूनगर क्षेत्र में अवैध खनन की जांच की थी। नेशनल हाईवे निर्माण की कार्यदायी संस्था गल्फार इंजीनियरिंग एंड कपूर इंडिया लिमिटेड द्वारा 41 हजार 240 घनमीटर अवैध खनन व अवैध भंडारण करना पाया था। हल्द्वानी के बाबूउद्दीन कुरैशी व अन्य कुछ लोगों द्वारा खाता संख्या 41 रकवा 10.123 हेक्टेयर में पोकलैंड मशीन लगाकर अवैध रूप से 15 हजार घनमी. अवैध खनन करना सामने आया था। जिस पर 1 करोड़ 35 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूलने की संस्तुति की गई। साथ ही आरएस कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा मीरा बाराह राना, लालरखास व बरा में 30 हजार 740 घनमी. खनन सामग्री का अवैध रूप से स्टॉक मिला था। तत्कालीन एसडीएम गिरी ने अवैध रूप से मिले खनन और स्टॉक पर कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी थी।
बीती 13 जनवरी को जिलाधिकारी ने गल्फार कंपनी पर 8 करोड़ का जुर्माना किया था। जिसके बाद मंगलवार को आरएस कंपनी पर डीएम ने 2 करोड़ 76 लाख 91 हजार रुपये का जुर्माना डाला है। एसडीएम पूरन सिंह राणा ने कंपनी को एक सप्ताह के भीतर जुर्माना अदा करने के लिए नोटिस भेजा। इधर बाबूउद्दीन व अन्य कुछ लोगों द्वारा किए गए 15 हजार घनमीटर अवैध खनन के खिलाफ 1.35 करोड़ के जुर्माने की फाइल पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।