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नौ रुपये में दो कट्टे उठाने से पल्लेदारों ने किया इनकार

Thu, 19 Apr 2018 12:14 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला ब्यूरो, ऊधमसिंह नगर
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टीवीएस के गोदाम में सड़े गले कट्टे दिखाते लोग व कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
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आठ रुपये 94 पैसे में 50-50 किलो के गेहूं के दो कट्टों की तोल, सिलाई और चट्टे लगाने से लेकर गोदाम में पहुंचाने का पल्लेदारों ने विरोध शुरू कर दिया है। पल्लेदारी की सरकारी दरें बेहद कम होने से मजदूरों की औसत दिहाड़ी भी नहीं निकल पा रही है। पल्लेदारों के विरोध के चलते जिले के कई क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद का कार्य प्रभावित हो रहा है। 

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गल्ला मंडी में बुधवार को सहकारिता विभाग के क्रय केंद्र पर पल्लेदारों ने केंद्र प्रभारी से प्रति क्विंटल पल्लेदारी कम से कम 20 रुपये करने की मांग की। उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर कम गेहूं आने के कारण उनके पास काम का संकट है। यदि काम मिला भी तो कम पल्लेदारी से उनकी दिहाड़ी 100 से 150 रुपये के बीच सिमट जा रही है। केंद्र प्रभारी नितिन कुमार ने कहा कि समस्या को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। 

आरएफसी केंद्र प्रभारी हेमंत जोशी ने कहा कि पल्लेदारी के सरकारी रेट बेहद कम होने से पल्लेदार काम करने को तैयार नहीं हैं। इससे गेहूं खरीद प्रभावित हो रही है। टीवीएस के गेहूं खरीद केंद्र प्रभारी पंकज यादव ने कहा कि पल्लेदारों के कम रेट पर काम से इनकार करने पर ठेकेदार घाटा उठाकर बाजार की वर्तमान दरों पर 20 से 22 रुपये के हिसाब से पल्लेदारों से काम करवा रहा है। 
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किसानों की जेब ढीली कर रहे केंद्र प्रभारी 
रुद्रपुर। खरीद केंद्रों पर पल्लेदारों के नुकसान की भरपाई के लिए कुछ केंद्र प्रभारी किसानों के गेहूं में कटौती कर पल्लेदारों को दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हैंडलिंग रेट कम होने से केंद्र प्रभारी पल्लेदारों को तोल के दौरान जमीन पर गिरा गेहूं दे रहे हैं। इसके अलावा कट्टों से भी पल्लेदारों को कुछ गेहूं दे दिया जा रहा है। एक केंद्र प्रभारी का कहना था कि ऐसा न करने पर उन्हें अपनी जेब से पल्लेदारी देनी पड़ेगी। वहीं, पीडीसी के ठेकेदार ने संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं को पत्र लिखकर हैडलिंग दरें बढ़ाने की मांग की है। 

बारदाने की गांठ से 200 कट्टे सड़े हुए निकले 
रुद्रपुर। तराई विकास सहकारी संघ में गेहूं खरीद के लिए मिले दो हजार कट्टों में से करीब 200 सड़े-गले निकले। बुधवार को केंद्र से मलसा गांव के किसान करीब 125 क्विंटल गेहूं लेकर पहुंचे थे। कर्मचारियों ने जैसे ही बारदाने की गांठ खोली तो करीब 200 कट्टे सड़े-गले निकले। कर्मचारियों ने यूसीएफ और आरएफसी पर बारदाने के वितरण में लापरवाही का आरोप लगाया। 
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