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एनएच पर ढाई घंटे लगाया जाम  

Sat, 09 Jul 2016 12:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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जाम - फोटो : अमर उजाला
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तीन जुलाई से लापता व्यापारी सूरज चंद की बरामदगी के लिए महिलाओं ने एनएच पर जाम लगा दिया। आक्रोशित महिलाएं पुलिस, प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहीं थीं। वह अपने साथ आए पुरुषों की भी बात सुनने को तैयार नहीं थी। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने जब घटना के खुलासे के लिए दो दिन की मोहलत मांगी तब जाकर महिलाओं ने जाम खोला। इसके बावजूद महिलाएं कोतवाली के अंदर आकर नारेबाजी करती रहीं। करीब चार घंटे तक कोतवाली में गहमागहमी रही।

महिलाओं ने बृहस्पतिवार को एनएच पर सांकेतिक जाम लगाकर शुक्रवार की सुबह दस बजे तक सूरज के न मिलने पर जाम की चेतावनी दी थी। पूर्व चेतावनी के तहत सैकड़ों महिलाएं शुक्रवार को कोतवाली के गेट पर एकत्र हो गईं। महिलाएं आदर्श कॉलोनी, बिरिया मझोला, बनबसा, टनकपुर से यहां पहुंची थी। सूरज मूल रूप से बनबसा का रहने वाला था। इसलिए बनबसा, टनकपुर के लोग भी यहां पहुंचे। 
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इस दौरान कोतवाली में पूरे जिले से पुलिस फोर्स मंगाया गया था। एसएसपी ताकवाले, एसडीएम ऋचा सिंह के बार-बार समझाने के बावजूद महिलाएं नहीं मानीं। महिलाएं व्यापारी सूरज की बरामदगी, अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ी रहीं। इस दौरान एसएसपी ताकवाले की प्रदर्शनकारियों से नोकझोंक भी हुई। 

सूरज के परिजनों सहित प्रदर्शनकारियों की एसएसपी ताकवाले से तीन दौर की वार्ता के बाद करीब ढाई घंटे बाद महिलाएं इस आश्वासन पर मानीं कि दो दिन के अंदर मामले का खुलासा किया जाएगा। महिलाओं ने एनएच तो छोड़ दिया लेकिन उसके बाद वह कोतवाली के अंदर जम गईं। वहां भी एक घंटे तक महिलाएं पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती रही। 

धरने के दौरान बेहोश हो गयी लापता व्यापारी की पत्नी
एनएच में जाम के दौरान लापता व्यापारी की पत्नी मंजू देवी बेहोश होकर गिर पड़ी। कई दिनों से भूखी प्यासी मंजू कुछ देर तो महिलाओं के साथ सड़क में जाम लगाए खड़ी रही लेकिन जब शोरगुल बढ़ा तो वह बेहोश होकर गिर पड़ी। मंजू को उसी समय कुछ लोग लादकर कोतवाली के अंदर लेकर आए। इस दौरान अस्पताल से आयी चिकित्सकों की टीम ने मंजू का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उसे एंबुलेंस से सीएचसी में भर्ती कराया गया। 

40 लोगों से हुई पूछताछ में चार लोगों पर पुलिस को संदेह
व्यापारी सूरज चंद की गुमशुदगी के मामले में पुलिस ने 40 लोगों से कई राउंड की पूछताछ की है। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने कहा कि पूछताछ में चार लोगों को पुलिस ने संदिग्ध माना है। पुलिस को दो दिन के अंदर मामले का खुलासा कर लेगी।

पुलिस ने आधा दर्जन घरों की ली तलाशी 
बृहस्पतिवार की रात को पुलिस ने इस्लाम नगर, गौटिया के आधा दर्जन घरों की तलाशी ली, लेकिन पुलिस को कोई सबूत नहीं मिला। लापता व्यापारी सूरज चंद के मोबाइल की चार, पांच जुलाई की लोकेशन गौटिया की आ रही है, जबकि पुलिस ने इस क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक लोग पूछताछ के लिए उठाए हैं।


परिजनों ने पुलिस को सौंपी दस पन्नों की बकाएदारों की सूची
लापता व्यापारी सूरज चंद के परिजनों ने पुलिस को दस पन्नों की बकाएदारों की सूची सौंपी है। जिसमें बकाएदारों की संख्या करीब एक हजार बतायी जा रही है। इस सूची में सूरज ने हर व्यक्ति का पूरा ब्योरा दिया है कि किससे कितना लेना और कितना बकाया है। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने कहा कि सूची में दर्ज प्रत्येक व्यक्ति से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने इस तरह के दस्तावेज देरी से उपलब्ध कराने पर भी नाराजगी व्यक्त की। 


किसी मामले में पहली बार जुटे पूरे जिले की पुलिस
कोतवाली क्षेत्र में पहले भी कई घटनाएं हुई हैं, लेकिन व्यापारी सूरज चंद की गुमशुदगी का मामला इतना हाइप्रोफाइल हो गया है कि पूरे जिले के पुलिस अधिकारी कोतवाली में डटे थे। दो एएसपी, पांच सीओ, 17 कोतवाल यहां पहुंचे थे। एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले ने कहा कि सूरज की बरामदगी के लिए आठ टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने एएसपी पंकज भट्ट को टीमें गठित कर इस केस में लगा दी हैं।

जब एसडीएम ने संभाला मोर्चा
लापता व्यापारी की बरामदगी को लेकर जाम लगाए महिलाएं जब उग्र होने लगी तो उस वक्त महिला पुलिस की भारी फोर्स होने के बावजूद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए लेकिन इस बीच एसडीएम ऋचा सिंह ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अगर इसी तरह सड़क जाम करे बैठी रहेंगी तो पुलिस अपना काम कैसे करेगी। यह पहला मौका है जब इस क्षेत्र के किसी मामले में पुलिस के सभी अधिकारी डटे हैं। एसएसपी स्वयं इस मामले में यहां कैंप कर रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को पुलिस के सहयोग की अपील की।
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नहीं खुलते खटीमा कोतवाली में दर्ज केस
व्यापारी सूरज चंद की गुमशुदगी पर पूरे क्षेत्र के लोगों की निगाहें लगी है। हर व्यक्ति इस मामले का खुलासा चाहता है। लोगों का कहना है कि यहां का दुर्भाग्य है कि कोतवाली क्षेत्र में हुई घटनाओं का खुलासा नहीं होता। लोगों का कहना है कि अगर पूर्व में हुई घटनाओं का खुलासा हुआ होता और जनता उन घटनाओं के खुलासे के लिए गंभीर होती तो आज यह स्थिति नहीं होती। कोतवाली क्षेत्र में सबसे लोमहर्षक हत्याकांड कपड़ा व्यवसायी मनोज अग्रवाल के 14 वर्षीय पुत्र शुभम की हत्या का है। शुभम की उसके घर के अंदर बने गोदाम में ही चाकुओं से गला रेतकर हत्या कर दी गयी थी। पुलिस इस हत्याकांड का खुलासा नहीं कर सकी। इसी तरह ब्लॉक के एक गांव में शिक्षिका के साथ हुए गैंग रेप का पुलिस पता नहीं लगा पायी। इसी तरह व्यापारी रामऔतार का घर जाते समय किया गया कत्ल, एटीएम लूटकांड ऐसे बड़े मामले हैं, जिनका पुलिस खुलासा नहीं कर सकी। कई अन्य मामले भी या तो दब गए या दबा दिए गए। 
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