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मॉकड्रिल ः आतंकी हमले से रुद्रपुर में दहशत

Thu, 13 Apr 2017 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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मॉकड्रिल - फोटो : अमर उजाला
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बुधवार सुबह 11 बजे पुलिस लाइन के मंदिर में आतंकवादी हमले और चार लोगों को बंधक बनाए जाने की सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कंट्रोल रूम से तत्काल सभी विभागों को अलर्ट किया गया। डीसीआर से पुलिस मुख्यालय और अभिसूचना सैल को भी हमले की जानकारी दे दी गई। एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड ने भी मोर्चा संभालकर दो आतंकियों को ढेर कर दिया। बाद में तीन को पकड़ कर बंधक बनाए गए पांच लोगों को मुक्त कराया। सवा दो घंटे चली कार्रवाई के बाद एसएसपी डॉ. सदानंद दांते ने बताया कि यह ऑपरेशन आतंकियों से निपटने के लिए जिला और प्रशासन का संयुक्त अभ्यास था। 
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 सुबह 11 बजे किसी व्यक्ति ने पुलिस लाइन के आरआई को सूचना दी कि पुलिस लाइन के मंदिर में हथियारों से लैस पांच आतंकवादी छुपे हैं। उन्होंने चार लोगों को बंधक बनाया है। आरआई ने सिटी कंट्रोल रुम को अवगत कराया इसी दौरान डीसीआर से डीएम, एसएसपी और पुलिस मुख्यालय के साथ ही अभिसूचना सैल को भी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य, लोनिवि और बिजली विभाग के साथ ही एफएसएल, बीडीएस, डॉग स्क्वायड और यातायात सैल पुलिस लाइन में पहंच गए। नजदीकी थानों ने अपने क्षेत्र में नाकेबंदी शुरू कर दी। 

डीएम डॉ. नीरज खैरवाल, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, एएसपी देवेंद्र पिंचा और मंजूनाथ टीसी मौके पर पहुंचे जहां क्यूआरटी ने घेराबंदी कर दी। इसी बीच फायर सर्विस भी मौके पर पहुंच गई। एएसपी क्राइम टीडी वेला ने कंट्रोल रूम का चार्ज संभाला, एएसपी देवेंद्र पिंचा और एडीएम प्रताप शाह मंदिर में छुपे आतंकियों से मध्यस्थता में जुट गए। आंतकियों के न मानने पर कंट्रोल रूम ने मुख्यालय से एटीएस को भेजने की गुजारिश की, एटीएस के मौके पर आकर मोर्चा संभाला जिसमें उनकी गोलियों से दो आतंकी ढेर हो गए। तीन आतंकियों को पकड़ लिया गया। ऑपरेशन समाप्त होने के बाद बम निरोधी दस्ते ने मंदिर के अंदर किसी अन्य आतंकी के नहीं होने की पुष्टि की। बाद में मारे गए आतंकवादियों को मंदिर से बाहर लगाया गया। 
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सवा दो घंटे तक रहा जीरो जोन
रुद्रपुर। यातायात पुलिस ने पुलिस लाइन को जोड़ने वाले रास्तों पर जीरो जोन घोषित कर दिया। इस कारण् कोई भी राहगीर या वाहन पुलिस लाइन में चल रहे मॉक ड्रिल तक नहीं पहुंच सका इसके पीछे का उद्देश्य मॉकड्रिल के दौरान लोगों को भय मुक्त करना था। 

संसाधनों की कमी की पोल खुली
रुद्रपुर। मॉकड्रिल में संसाधनों की कमी का सच भी सामने आ गया। पुलिस के पास बुलेट प्रूफ हेलमेट नहीं था। बीपी जैकेट भी कम थीं। ऑपरेशन के दौरान सिर्फ एटीएस और क्यूआरटी ही बुलेट प्रुफ की सुरक्षा में थे जबकि सबसे आगे मोर्चा संभालने वाले पुलिस के अधिकारियों के पास खुद के बचाव के लिए सिर्फ क्रिकेट का हेलमेट था। पुलिस का रेडियो तंत्र भी पूरी तरह से मजबूत नहीं मिला जिससे ऑपरेशन के दौरान की गई घोषणाएं ऑपरेशन में लगे सभी लोगों तक नहीं पहुंच पा रही थी। हालांकि एसएसपी का कहना है कि इन संसाधनों की मांग जल्द ही पुलिस मुख्यालय से की जाएगी।

मॉकड्रिल में सिपाही चोटिल 
रुद्रपुर। मॉकड्रिल के दौरान उस समय गड़बड़ी हो गई जब पुलिस लाइन का ही  सिपाही लोकेश पांडे घायल हो गया। उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसा स्मोक फायर के दौरान हुआ। इससे पुलिस के आला अधिकारियों के हाथ पांच फूल गए। लोकेश का कहना था मॉकड्रिल में शामिल किसी अंट्रेड सिपाही की लापरवाही से हादसा हुआ। 


आईजी और डीआईजी को दी हर पल की जानकारी
रुद्रपुर। मॉकड्रिल में जहां खुद पुलिस के आला अधिकारियों ने सबसे आगे रहकर मोर्चा संभाला वहीं ऑपरेशन की कमान संभाल रहे एसएसपी डॉ. सदानंद दाते द्वारा हर पल की जानकारी आईजी और डीआईजी को भी दी जा रही थी। 
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