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नाबालिग के दुराचारी को 10 साल की सजा, 90 हजार जुर्माना 

Wed, 03 Apr 2019 12:09 AM IST
अरुण कुमार अमर उजाला ब्यूरो 
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कोर्ट के आदेश - फोटो : amar ujala
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नाबालिग को भगाने और उसके साथ दुराचार कर उसे गर्भवती बनाने वाले अभियुक्त को पॉक्सो न्यायाधीश विजयलक्ष्मी विहान की अदालत ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 90 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। मामले में दुराचारी के माता-पिता की ओर से सहयोग करने पर उन्हें भी तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ ही पांच-पांच हजार का अर्थदंड की सजा सुनाई है। 

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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता ने बताया कि बाजपुर थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति की ओर से दर्ज की गई रिपोर्ट में कहा गया था कि उसकी भांजी (16 वर्षीय) बचपन से उसी के पास रहती है। 6 सितंबर 2015 की शाम को भांजी रहस्मय ढंग से लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि भांजी को ग्राम भट्टपुरी नमूना थाना बाजपुर निवासी विनोद पाल भगा कर ले गया है। इसमें विनोद के पिता सूरजपाल और मां राधा ने भी उसका सहयोग किया था।

24 नवंबर 2016 को पुलिस ने विनोद के साथ नाबालिग को बरामद किया। उस समय नाबालिग गर्भवती थी और कुछ समय बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया। पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि विनोद उसे बहलाकर अपने साथ ले गया था और डरा धमकाकर उसके साथ दुराचार किया। इससे जब वह पहली बार गर्भवती हुई तो विनोद ने गर्भपात करा दिया। दूसरी बार में उससे बेटी पैदा हुई। 10 दिसंबर 2016 को पुलिस ने पॉक्सो न्यायाधीश विजयलक्ष्मी विहान की अदालत में विनोद के साथ ही उसके पिता सूरजपाल और मां राधा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। 
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अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता विकास गुप्ता और वतन जोशी ने छह गवाह पेश कर उनके बयान कराए। इसी बीच आरोपी विनोद ने नाबालिग से जन्मी बेटी उसकी ना होने का दावा कर कोर्ट से उसका डीएनए टेस्ट कराने की मांग की। कोर्ट के आदेश पर कराए गए डीएनए टेस्ट में बच्ची विनोद की होने की पुष्टि हुई।


शासकीय अधिवक्ताओं की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों और डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए पॉक्सो न्यायाधीश विजयलक्ष्मी विहान की अदालत ने आरोपी विनोद को 10 वर्ष के कठोर कारावास आौर 90 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा कोर्ट के आदेश पर अभियुक्त विनोद के पिता सूरजपाल और मां राधा को भी तीन-तीन वर्ष के कारावास के साथ पांच-पांच हजार का अर्थदंड भुगतना होगा। 

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