विजिलेंस टीम ने मंगलवार को रुद्रपुर की बगवाड़ा मंडी में तैनात मंडी निरीक्षक भुवन गोस्वामी को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। शहर के एक आढ़ती की शिकायत पर टीम ने यह कार्रवाई की। विजिलेंस की टीम रिश्वत मांगने वाले मुख्य आरोपी मंडी निरीक्षक इंद्र बहादुर चंद की तलाश कर रही है। इंद्र बहादुर चंद्र ने ही आढ़ती से लाइसेंस बनाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, लेकिन सौदा 8 हजार रुपये में तय हुआ था। चूंकि इंद्र बहादुर मंगलवार को अवकाश पर था, इसलिए उसने आढ़ती से रिश्वत के रुपये भुवन गोस्वामी को देकर अपना लाइसेंस लेने की बात कही थी।
रुद्रपुर की मॉडल कॉलोनी निवासी पुरुषोत्तम अग्रवाल अपने भाइयों के साथ मिलकर रुद्रपुर की बगवाड़ा मंडी में आढ़त का काम करते हैं। भाइयों में बंटवारा होने के कारण पुरुषोत्तम ने खुद की आढ़त खोलने के लिए मंडी से लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था। लाइसेंस शुल्क 251 रुपये है। इसे बनवाने के लिए अगस्त के पहले सप्ताह में पुरुषोत्तम मंडी निरीक्षक इंद्र बहादुर चंद से मिले तो उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। बाद में सौदा आठ हजार रुपये में तय हो गया।
सोमवार को पुरुषोत्तम ने एसपी विजिलेंस सेक्टर हल्द्वानी कार्यालय पहुंचकर इंद्र बहादुर के खिलाफ रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत दर्ज कराई। विभाग ने निरीक्षक इंद्र सिंह राणा को मामले की जांच सौंपी थी। रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर ट्रैप टीम मंगलवार को सीओ विजिलेंस अरविंद डंगवाल के नेतृत्व में बगवाड़ा मंडी पहुंची। यहां पुरुषोत्तम से रिश्वत लेते हुए मंडी निरीक्षक भुवन गोस्वामी निवासी पुरानी सब्जी मंडी मंगल पड़ाव (हल्द्वानी) को गिरफ्तार कर लिया।
सीओ डंगवाल ने बताया कि लाइसेंस बनाने के लिए इंद्र बहादुर चंद ने पुरुषोत्तम से रिश्वत मांगी थी। लेकिन, इंद्र बहादुर ने उसके अवकाश पर होने के कारण यह रकम साथी मंडी निरीक्षक भुवन गोस्वामी को देने को कहा था। चूंकि किसी और के लिए रिश्वत लेना भी अपराध है, इसलिए पुलिस ने भुवन गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी इंद्र बहादुर चंद की तलाश की जा रही है।
टीम को मिलेगा 10 हजार का इनाम
एसपी विजिलेंस अमित श्रीवास्तव ने टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। टीम में सीओ अरविंद डंगवाल, निरीक्षक इंद्र सिंह राणा, संजय पांडे, राम सिंह मेहता, कांस्टेबल मनोज मठपाल, कोतवाल केसी भट्ट, बगवाड़ा चौकी प्रभारी नीमा बोरा और कांस्टेबल राजेंद्र जोशी शामिल थे।
इस साल अब तक तीन रिश्वतखोर गिरफ्तार
रुद्रपुर। इस वर्ष जनवरी से अगस्त तक तीन सरकारी कर्मचारी रंगे हाथों रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए हैं। 20 जनवरी को विजिलेंस की टीम ने गदरपुर तहसील में पटवारी सुशील जुनेजा को 10 हजार और मई पहले सप्ताह में सितारगंज के पटवारी राम सिंह को 5500 रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। दोनों फिलहाल जेल में हैं।
चार घंटे तक मंडी में जमी रही विजिलेंस टीम
रुद्रपुर। बगवाड़ा मंडी में लाइसेंस बनाने के नाम पर की जा रही रिश्वखोरी का खुलासा करने के लिए विजिलेंस टीम करीब चार घंटे तक मंडी में जमी रही। छापामारी के लिए करीब 12:30 बजे मंडी पहुंची टीम ने निरीक्षक कार्यालय में पहुंचते ही स्थानीय पुलिस से कार्यालय के मुख्य द्वार को बंद करने के साथ ही मेन गेट पर भी ताला लगवा दिया। बंद कमरे में चार घंटे तक निरीक्षक भुवन गोस्वामी से पूछताछ की गई।
मुख्य आरोपी का फोन रिकार्ड भी मिला
रुद्रपुर। आढ़ती से लाइसेंस के एवज में आठ हजार की रिश्वत मांगने वाले मुख्य आरोपी इंद्र बहादुर चंद का फोन रिकॉर्ड भी विजिलेंस टीम के पास है। मंगलवार को अवकाश पर जाने से पहले इंद्र बहादुर ने फोन पर पुरुषोत्तम को खुद के अवकाश पर जाने और रिश्वत की रकम भुवन गोस्वामी को देकर उससे लाइसेंस लेने की बात कही थी। पुरुषोत्तम ने रिकॉर्ड की गई बात का टेप विजिलेंस टीम को सौंप दिया है।