काशीपुर तहसील के ग्राम दभौरा मुस्तहकम में खसरा नंबर 85 के सीमांकन को लेकर उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के बीच विवाद राज्य गठन के 17 सालों बाद भी अनसुलझा है। कोसी नदी क्षेत्र में सीमा विवाद से खनन माफिया फल फूल रहे हैं। इसे सुलझाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्र की पैमाइश की जानी है, ताकि दोनों राज्यों के राजस्व मानचित्र संशोधित हो सकें। इस संबंध में दोनों जिलों के अधिकारियों के बीच सहमति बन जाने के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। विवाद निपटाने के लिए रामपुर के डीएम को दोबारा पत्र भेजा गया है।
राज्य गठन के बाद से कोसी नदी क्षेत्र में आने वाले काशीपुर तहसील के ग्राम दभौरा मुस्तहकम की सीमा को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य के बीच अभी तक विवाद की स्थिति बनी हुई है। वर्ष 2012 में काशीपुर तहसील व स्वार (रामपुर) तहसील की टीमों ने अपने-अपने क्षेत्र में पैमाइश की थी। स्वार (रामपुर) की टीम ने पैमाइश के बाद उत्तराखंड की सीमा के ग्राम दभौरा मुस्तहकम में खसरा नंबर 85 के अंतर्गत 80 मीटर लंबे क्षेत्रफल पर अपना दावा जताया। जबकि काशीपुर तहसील टीम की पैमाइश में 69 मीटर लंबाई यूपी की सीमा में शामिल होने की दावेदारी की गई। तब इस विवाद के निपटारे का कोई सार्थक प्रयास नहीं हो सका। इसी विवादित क्षेत्र का लाभ खनन माफिया उठा रहे हैं। क्षेत्र का सही सीमांकन न होने से खनन माफिया एक-दूसरे के क्षेत्र में घुसपैठ कर धड़ल्ले से उपखनिज चोरी कर रहे हैं। सीमा निर्धारण न होने के कारण माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाती। इस विवाद के निपटारे के लिए दो माह पूर्व सुल्तानपुर पट्टी में जनपद ऊधमसिंह नगर और रामपुर के डीएम और एसएसपी की मौजूदगी में अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई।
इसमें खनन माफियाओं के खिलाफ होने वाली कार्रवाई में परस्पर सहयोग करने पर चर्चा की गई। इसी बैठक में दोनों राज्यों के बीच राजस्व क्षेत्र का सीमा विवाद समाप्त करने पर भी सहमति बनी थी। तय हुआ था कि जनपद ऊधमसिंह नगर व रामपुर के बीच पड़ने वाले राजस्व क्षेत्र की पैमाइश दोनों जिलों की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी। पैमाइश के मुताबिक सीमा पर हदबंदी कर राजस्व मानचित्र संशोधित किया जाएगा। संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत तोमर ने बताया कि इस संबंध में रामपुर जिला प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। इस संबंध में अग्रिम कार्रवाई करने के लिए रामपुर जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। उनके स्तर से प्रतिक्रिया मिलने पर यूपी व उत्तराखंड की संयुक्त टीम द्वारा कोसी नदी में पड़ने वाले सीमावर्ती खसरा नंबरों की पैमाइश करा कर हदबंदी कराई जाएगी। इसके बाद राजस्व मानचित्र संशोधित हो सकेगा।
कोसी नदी क्षेत्र में सीमा विवाद के निपटारे के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच बनी सहमति के आधार पर डीएम रामपुर को पत्र भेजा गया है। उनका प्रत्युत्तर मिलने पर संयुक्त टीम गठित कर विवादित राजस्व क्षेत्र की पैमाइश कराई जाएगी। ताकि राजस्व मानचित्र संशोधित हो सके।
-विनीत तोमर, संयुक्त मजिस्ट्रेट, काशीपुर।