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डाटा एंट्री ऑपरेटर की तलाश तेज 

Sat, 25 Nov 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, ऊध्ामसिंह नगर
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रुद्रपुर के सिडकुल चौकी से पूर्व एसएलओ डीपी को नैनीताल ले जाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
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एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह और काशीपुर तहसील के राजस्व अहलमद को कोर्ट में पेश करने के बाद एसआईटी की नजर डाटा एंट्री आपरेटर और दो काश्तकारों पर टिक गई है। इन तीनों की गिरफ्तारी के बाद कई बातों से पर्दा उठने की उम्मीद एसआईटी को है। उधर कोर्ट से तीन दिन की रिमांड मिलने के बाद एसआईटी ने तय किया है कि दोनों को शनिवार को ही रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। 
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मालूम हो कि एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ था कि वर्ष 2011-12 में काशीपुर तहसील में राजस्व अहलमद संजय चौहान ने भूमि की बैक डेट में 143 कराने के लिए दस्तावेजों में हेरफर किया था। पूर्व में एसडीएम भगत सिंह फोनिया सहित आठ लोगों को गिरफ्तारी के बाद संजय चौहान भूमिगत हो गया था। संजय ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। उसे शुक्रवार सुबह पुलिस ने काशीपुर से गिरफ्तार किया। मेडिकल कराने के बाद उसे भी डीपी के साथ नैनीताल कोर्ट ले जाया गया। इधर अब तक फरार चल रहे काशीपुर तहसील के डाटा एंट्री आपरेटर अर्पण कुमार के साथ जसपुर तहसील के काश्तकार दिलबाग और रमेश की गिरफ्तारी के प्रयास एसआईटी ने तेज कर दिए हैं। 

करवट बदलते हवालात में गुजरी डीपी की रात 
रुद्रपुर। भूमि मुआवजा घोटाले का मुख्य आरोपी डीपी सिंह की रात सिडकुल चौकी की हवालात में बेचैनी में गुजरी। पुलिस कर्मियों ने उसे खाने के लिए छोले और आलू के गुटके दिए थे। लेकिन उसने इन्हें छुआ तक नहीं। डीपी ने सिर्फ चाय और बिस्किट ही खाया। हवालात में बिछाने के लिए दरी और ओढ़ने के लिए डीपी को कंबल दिया गया। लेकिन डीपी को हवालात में नींद नहीं आई वह रातभर करवट बदलता रहा। शुक्रवार सुबह छह बजे डीपी ने बिस्तर छोड़ दिया और कोर्ट रवाना होने तक हवालात में चहलकदमी करता रहा। 
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