भूमि मुआवजा घोटाले में अब एसआईटी के राडार पर एनएचएआई के अधिकारी हैं। विभिन्न साक्ष्यों का संकलन करने के बाद एसआईटी प्रश्नावली तैयार करने में जुट गई है। अगले हफ्ते अधिकारियों को नोटिस भेजकर इन्हें तलब किया जाएगा। इधर एसआईटी ने चार्जशीट तैयार करने की कार्यवाही शुरू कर दी है।
बीते 10 मार्च को एडीएम प्रताप शाह ने भूमि मुआवजा घोटाले में कईं एसडीएम, तहसीलदार, कर्मचारियों के अलावा एनएचएआई नजीबाबाद और रुद्रपुर के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। लेकिन 26 मई को एनएचएआई के चेयरमैन ने मुकदमे से एनएचएआई के अधिकारियों के नाम हटाने को लेकर प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र भेजा था। जांच कर रही एसआईटी ने एनएचएआई के अधिकारियों को पूछताछ के लिए जब नहीं बुलाया तो कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। हालांकि एसआईटी अभी तक दो पीसीएस अफसर सहित 11 लोगों को जेल भेज चुकी है।
जसपुर और काशीपुर तहसील की जांच पूरी होने के बाद वर्तमान में बाजपुर और रुद्रपुर तहसील के दस्तावेजों की जांच हो रही है। इधर मुख्य आरोपी डीपी सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब एनएचएआई के अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। एसआईटी ने कुछ साक्ष्य भी जुटा लिए हैं। कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने से पहले 60 दिनों के भीतर शासन की अनुमति लेनी पड़ती है। चार्जशीट में कोई कमजोरी न हो, इसलिए इसे लेकर बेहद एहतियात बरती जा रही है।
अगले सप्ताह एनएचएआई नजीबाबाद और रुद्रपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और असिटेंट प्रोजैक्ट डायरेक्टर को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसके अलावा चार्जशीट भी तैयार करनी शुरू कर दी गई है।
-डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधमसिंहनगर
जसपुर और काशीपुर के किसानों से शुरू हो सकती है वसूली
एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी जल्द ही गलत दस्तावेज पर करोड़ों का मुआवजा लेने वाले काश्तकारों को वसूली का नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रारंभिक तौर पर एसआईटी ने जसपुर और काशीपुर तहसील में दस करोड़ से अधिक का मुआवजा लेने वाले काश्तकारों को चिह्नित किया है। इन तहसीलों में कुछ काश्तकार ऐसे भी हैं जिन्होंने तत्कालीन अफसरों के साथ मिलकर भूमि का पिछली तारीख में 143 कराने के बाद 40 करोड़ तक का मुआवजा लिया और अफसरों को भी उसका कमीशन दिया गया।