शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी ने कुंडेश्वरी चौकी में दो भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जी अदेयता प्रमाण पत्र दिखाकर बैंक में बंधक भूमि का बैनामा उनके नाम करा दिया। जबकि इस भूमि पर तीन बैंकों का लाखों रुपये बकाया है।
राधे हरि राजकीय महाविद्यालय में एनएसएस प्रभारी रहे देवराज शर्मा वर्ष 2012 में बरेली से सेवानिवृत्त हुए हैं। पुलिस को दी तहरीर में शर्मा ने बताया कि खेती की जमीन खरीदने के लिए उन्होंने एक बिचौलिये के माध्यम से अंकुश ढींगरा और उसके भाई शुभम ढींगरा से संपर्क किया। ग्राम खरमासा में दोनों भाइयों और उनकी मां चंचल रानी के नाम दर्ज भूमि का सौदा 16.80 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से हुआ।
विक्रेताओं ने अपनी भूमि को पूरी तरह से निर्विवाद बताया। उन्होंने इस भूमि के संबंध में तीन बैंकों की शाखाओं के अदेय प्रमाण पत्र भी उन्हें दिखाए। 29 मई 2018 को चंचल रानी के नाम दर्ज 0.4890 हेक्टेयर भूमि का बैनामा उनके पक्ष में किया गया। 28 मई 2018 को अंकुश ढींगरा ने क्रमश: 0.0130, 1.9450 हेक्टेयर और शुभम ढींगरा ने 1.9950 हेक्टेयर भूमि का बैनामा उनके पक्ष में निष्पादित कराया।
बैनामे से पूर्व उनके द्वारा तय रकम का भुगतान विक्रेताओं को कर दिया गया। बाद में उन्होंने तीनों बैंकों से संपर्क किया तो बैंकों में उक्त भूमि पर ऋण होना पाया गया। यह रकम करीब 18 लाख रुपये बताई गई है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने ग्राम खरमासा निवासी अंकुश व शुभम ढींगरा के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।