एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में कांग्रेस के खाते को भी अपनी जांच के दायरे में लेने वाली एसआईटी को खाते की अब तक की जांच में गड़बड़ी नहीं मिली है। खाता निजी व्यक्ति नहीं बल्कि पार्टी की ओर से ही संचालित होने की पुष्टि हो चुकी है। खाते में रकम डलवाने वालों के बारे में साक्ष्य नहीं मिले हैं। एसआईटी ने जांच प्रकरण को बंद नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि खाते को लेकर कुछ खास मिल नहीं सका है।
बता दें कि विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस कमेटी के नाम से एसबीआई में एक खाता खोला गया था। जनवरी 2017 में पार्टी के इस खाते में करोड़ों रुपये चेक, एनईएफटी और नकद डाले गए थे। इसी दौरान एनएच घोटाला भी प्रकाश में आया था। एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ था कि रुद्रपुर और जसपुर तहसील के कुछ काश्तकारों के साथ ही एक बिल्डर ने भी खाते में रकम डाली थी।
कांग्रेस के खाते में रकम डालने की शिकायत महानिदेशक जांच अन्वेषण आयकर विभाग लखनऊ से की गई थी। इसके साथ ही हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में भी बैंक खाते का ब्यौरा लगाया गया था। इसके आधार पर एसआईटी ने खाते को अपनी जांच के दायरे में लेकर फरवरी 2018 में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से भी देहरादून में पूछताछ कर खाते में बारे में जानकारी मांगी थी।
पूछताछ में सामने आया था कि खाते का संचालन प्रदेश कांग्रेस कमेटी नहीं बल्कि तत्कालीन सीएम के ओएसडी कर रहे थे। इसके बाद एसआईटी की ओर से खाते में रकम डालने वाले काश्तकारों के बैक खातों की भी जांच की गई। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के खाते में डाली गई रकम को पार्टी फंड के रूप में दर्शाया गया है और खाते में रकम डालने वाले किसानों ने भी उक्त रकम का आयकर अदा किया है। खाते भी व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि पार्टी का था। माना जा रहा है कि इस जांच में अब तक कुछ खास हासिल नहीं हुआ है। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि खाते को लेकर अभी जांच चल रही है। लिहाजा इस बारे में कुछ कहना फिलहाल ठीक नहीं है।