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हिस्ट्रीशीटर ने गोली मारकर की किसान की हत्या

Thu, 22 Dec 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऊधमसिंह नगर
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पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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अमरपुर गांव में एक किसान और हिस्ट्रीशीटर के बीच हुई मामूली कहासुनी में हिस्ट्रीशीटर ने किसान की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि हत्यारोपी ने कुछ वर्ष पहले किच्छा थाने में तैनात एक सिपाही का भी कत्ल किया था जिसमें उसे उम्रकैद की सजा हुई थी। हाईकोर्ट में अपील दाखिल होने के कारण अभी वह जमानत पर चल रहा था। 
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बृहस्पतिवार को जहां रुद्रपुर शहर को मासूम अंकित की हत्या की घटना ने रुलाया वहीं अमरपुर गांव में हिस्ट्रीशीटर द्वारा गोली मारकर किसान की हत्या करने से भी शहर दहल उठा। अमरपुर गांव निवासी प्रीतम सिंह के पड़ोस में हिस्ट्रीशीटर अमरीक सिंह रहता है। 

बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार को प्रीतम सिंह घर से चारा लेने के लिए निकला तो पड़ोसी अमरीक सिंह ने उस पर घर में झांकने का आरोप लगाया और झगड़ने लगा। कुछ ही देर में विवाद बड़ा तो अमरीक सिंह ने तमंचे से प्रीतम सिंह को गोली मार दी, जिससे वह लहूलुहान हो गया। मौके पर मौजूद प्रीतम सिंह का भांजा वीर सिंह और पोता राजेंद्र सिंह प्रीतम को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और जहां जांच के बाद डाक्टरों ने प्रीतम सिंह को मृत घोषित कर दिया। 
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मृतक प्रीतम के परिजनों के अनुसार आरोपी अमरीक सिंह अक्सर छोटे-छोटे विवादों में फायरिंग कर देता था। पोते राजेंद्र ने बताया कि अमरीक सिंह अक्सर उसके दादा के साथ गाली-गलौच करता था और कई बार उसने घर की छत पर खड़े होकर उन्हें डराने के लिए फायरिंग भी की थी। मृतक प्रीतम सिंह की पत्नी का पहले ही स्वर्गवास हो गया था और आठ साल पहले बेटा भी सड़क दुर्घटना में चल बसा। वह अपनी बहू रंजीत कौर और पोते राजेंद्र के साथ रहता था। 

सिपाही की भी हत्या की थी हिस्ट्रीशीटर ने 
अमरपुर गांव के किसान प्रीतम सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाले अमरीक सिंह ने वर्ष 2007 में किच्छा थाने में तैनात एक सिपाही की भी हत्या की थी। इसके आरोप में उसे उम्रकैद की सजा हुई थी वर्तमान में वह कोर्ट में अपील के चलते जमानत पर चल रहा था। बताया जा रहा है कि वर्ष 2007 में अमरीक शराब की तस्करी का काम करता था, तब किच्छा थाने में तैनात सिपाही ओमप्रकाश ने कई बार छापेमारी कर उसकी शराब पकड़ी थी। इसके चलते एक दिन अमरीक सिंह ने रात में सिपाही ओमप्रकाश की गला काटकर हत्या कर दी। 

पूरा गांव परेशान है अमरीक की दबगंई से
अमरपुर गांव के किसान प्रीतम सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाले अमरीक सिंह की दबगंई से पूरा गांव परेशान है। गांव वालों के अनुसार क्षेत्र के हर व्यक्ति के साथ उसका लड़ाई करना आम बात है। इसके चलते उसने कई लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। अमरीक सिंह लोगों से कहता था कि उसे तो उम्रकैद की सजा भुगतनी है इसलिए किसी को भी मौत के घाट उतारने में उसे कोई परेशानी नहीं होगी।

कार्रवाई करती पुलिस तो शायद न होती प्रीतम की हत्या
किसान प्रीतम सिंह की हत्या करने वाले अमरीक सिंह की दबगंई के खिलाफ अगर पुलिस ने पहले ही कोई कार्रवाई की होती तो शायद अमरीक सिंह प्रीतम की हत्या करने का साहस नहीं जुटा पाता। बताया जा रहा है कि करीब 15 दिन पूर्व मृतक प्रीतम के भांजे वीर सिंह और बलवीर सिंह ने गांव के कुछ लोगों के साथ मिलकर रुद्रपुर कोतवाली पुलिस को अमरीक के खिलाफ लिखीत तहरीर भी सौंपी थी लेकिन पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से न लेते हुए अमरीक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उसके हौसले बुलंद रहे और उसने बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े प्रीतम सिंह की हत्या कर दी। परिजनों का कहना है कि कोतवाली पुलिस की लापरवाही के कारण ही प्रीतम की हत्या हुई है। मामले में एसएसपी का कहना है कि अगर पुलिस को तहरीर दी गई है तो क्यों उस पर कार्रवाई नहीं हुई इसकी जांच की जाएगी।
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