कोतवाली पुलिस ने बैंकों के एटीएम कक्ष में कार्ड बदलकर नगदी निकालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 29 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
सितंबर और अक्तूबर में ही एटीएम में लोगों की मदद के नाम पर कार्ड बदलकर रुपये निकालने के तीन मामले सामने आए। इस पर एएसपी और सीओ कमला बिष्ट के निर्देशन में कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस ने जाल बिछाया। सोमवार को कोतवाली में एएसपी देवेंद्र पींचा ने मामले का खुलासा किया। बताया कि मुखबिर की सूचना पर सत्रहमील चौकी के पास इनोवा (यूपी34एल0322) को रोका।
कार में यूपी के बरेली थाना अलीगंज के शिवनगर निवासी तरुण दीक्षित, बदायूं के थाना सिविल लाइन नौसर निवासी विजेंद्र सिंह, कासगंज के थाना सौरो के मिर्जापुर निवासी जय किशन और धर्मेश सवार थे। तलाश लेने पर उनके पास से अलग-अलग बैंकों के 29 एटीएम कार्ड और 45 हजार की नगदी बरामद हुई। पूछताछ करने पर शातिर गिरोह का खुलासा हुआ। तरुण दीक्षित गिरोह का सरगना है। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार और एएसपी ने डेढ़ हजार रुपये पुरस्कार की घोषणा की। एएसपी ने कहा कि खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्थानीय व्यक्ति को भी सम्मानित किया जाएगा।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
एएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि बताया कि बदमाश जिस बैंक के एटीएम पर जाते थे, उस बैंक का एटीएम कार्ड अपने पास रख कर सहायता के नाम पर कार्ड बदल देते थे। साथ ही पैसा निकालते समय दूसरा पीछे से कोड जान लेता था। इस तरह बाद में वह एटीएम का प्रयोग कर पैसे निकाल लेते थे।
तीन माह पहले ही जेल से छूटा है तरुण
एएसपी ने बताया कि बदमाशों द्वारा रुद्रपुर, किच्छा में भी कई वारदातों को अंजाम देने की आशंका है। मुख्य आरोपी तरुण पर यूपी में कई मामले दर्ज हैं। वह ढाई माह पहले ही जेल से छूटा था। टीम में कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय, एसएसआई देवेंद्र गौरव, एसआई अनिल उपाध्याय, प्रदीप पंत, नेहा ध्यानी, बबीता, कांस्टेबल हरेंद्र थापा, मोहन सिंह, यशपाल, अब्दुल खालिद, रघुनाथ गोस्वामी, उमेश राम शामिल हैं।
यू-ट्यूब से मिला आइडिया
खटीमा। मदद के नाम पर एटीएम कार्ड बदलकर वारदात को अंजाम देने का आइडिया तरुण को तीन साल पहले यू ट्यूब से मिला। कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय के अनुसार पूछताछ में सरगना ने बताया कि यू-ट्यूब पर एटीएम कार्ड बदलकर इस तरह की वारदात को अंजाम देने का दृश्य देखकर उसने भी यह तरीका अपनाया।
इन तीन वारदातों का हुआ खुलासा
- पहला :- 25 सितंबर को अमाऊं निवासी रूचिता भट्ट का एटीएम बदलकर 35 हजार रुपये निकाले।
- दूसरा :- 32 अक्तूबर को इस्लामनगर निवासी रेहान अंसारी का एटीएम बदलकर 11 हजार रुपये निकाले।
- तीसरा :- 25 अक्तूबर को ऊषा चौसाली का एटीएम बदलकर 40 हजार रुपये निकाले।