डेंगू ने अब सितारगंज में भी पैर फैलाने शुरू कर दिए हैं। क्षेत्र में सप्ताह भर के भीतर करीब चार मरीजों में डेंगू के लक्षण मिले हैं। हालांकि चिकित्साधिकारी ने अधिकारिक रूप से डेंगू होने से इनकार किया है, जबकि नगर की एक पैथोलॉजी की रिपोर्ट में चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
सितारगंज पैथोलॉजी पर डेंगू की जांच के दौरान बरुआबाग सिसौना की 45 वर्षीय महिला, 18 वर्षीय इंटर का छात्र और एक अन्य 36 वर्षीय महिला में डेंगू रोग की पुष्टि हुई है। यह तीनों मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से इलाज कराने के दौरान सितारगंज स्थित एक पैथोलॉजी में डेंगू की जांच कराने पहुंचे थे। जांच में इन मरीजों की प्लेटलेट्स काफी कम पाई गईं।
इसके अलावा शक्तिफार्म क्षेत्र की एक महिला ने नगर के निजी क्लीनिक पर डेंगू का इलाज कराया। उसकी भी प्लेटलेट्स काफी कम आई हैं। इधर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी डॉ. विनय कुमार यादव ने आधिकारिक रूप से अभी तक किसी भी डेंगू रोगी के अस्पताल में भर्ती होने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि डेंगू से ग्रसित मरीज की जिला अस्पताल में जांच के बाद पुष्टि होती है। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से डेंगू रोग से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की।
लक्षण
प्लेटलेट्स कम होना, तेज बुखार आना, शरीर और जोड़ों दर्द होना, सिर दर्द होना, कमजोरी आना, शरीर पर लाल रंग के दाने होना।
ऐसे बचें डेंगू से
कूलर में पानी न रखें, गड्ढों में पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, घरों के बर्तनों में पानी भरकर न रखा जाए, तालाब या गड्ढों में जमा पानी में मोबिल ऑयल डालें, फुल बाजू के कपड़े पहनें।
दो माह से अस्पताल में बना है डेंगू और मलेरिया वार्ड
मलेरिया और डेंगू रोग के मरीजों के लिए अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं एवं दवाएं हैं। दो माह से अस्पताल में मलेरिया और डेंगू वार्ड बना है। फिलहाल कोई भी मरीज डेंगू या मलेरिया का नहीं मिला है।
- डॉ. विनय कुमार यादव, चिकित्साधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सितारगंज।